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आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाया, अशोक मित्तल को मिलेगी नई जिम्मेदारी

 Reported By: Bhaskar Mishra,  Vijai Laxmi Edited By: Shakti Singh
 Published : Apr 02, 2026 01:32 pm IST,  Updated : Apr 02, 2026 02:23 pm IST

आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का डिप्टी लीडर बनाने के लिए पत्र लिखा है। राघव चड्ढा इस विषय पर अभी राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल से मिलने जा रहे हैं।

Ashok kumar mittal and Raghav Chaddha- India TV Hindi
अशोक कुमार मित्तल (बाएं) राघव चड्ढा (दाएं) Image Source : PTI

आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को चिठ्ठी लिखकर राघव की जगह सांसद अशोक मित्तल को डिप्टी लीडर बनाने को कहा है। अशोक मित्तल पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। अब वह राज्यसभा में आप के नए डिप्टी लीडर होंगे। उन्होंने कहा कि यह एक रूटीन प्रक्रिया है। उनसे पहले एनडी गुप्ता पार्टी के डिप्टी लीडर थे। सूत्रों के अनुसार राघव चड्ढा इस विषय पर अभी राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल से मिलने जा रहे हैं। राघव चड्ढा ने पिछले कुछ महीनों में राज्यसभा में आम लोगों से जुड़े अहम मुद्दे उठाए हैं, जो लगातार चर्चा में रहे हैं।

पिछले महीने उन्होंने डेली डेटा लिमिट और डेटा रोलओवर का मुद्दा राज्यसभा में उठाया था। उनका कहना था कि मोबाइल फोन के प्लान के अनुसार रोजाना मिलने वाले डेटा का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाने की स्थिति में उसका बाद में उपयोग करने की व्यवस्था होनी चाहिए। राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने कहा था कि यह केवल डेटा की ही नहीं बल्कि उपभोक्ता के अधिकार की भी बात है। उन्होंने यह भी मांग की थी कि रिचार्ज खत्म होने के साथ ही इनकमिंग कॉल की सेवा बंद नहीं होनी चाहिए।

रात 12 बजे खत्म नहीं होना चाहिए डेटा

शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए चड्ढा ने कहा था कि जब भी कोई व्यक्ति मोबाइल फोन रीचार्ज कराता है तो उसे उसके प्लान के अनुसार डेटा मिलता है। यह डेटा रात बारह बजे समाप्त हो जाता है। उपभोक्ता से पैसा पूरा लिया जाता है, लेकिन रात बारह बजे तक अनुपयुक्त डेटा दिन समाप्त होने के साथ ही खत्म हो जाता है। यह अनुपयुक्त डेटा हमें अगले दिन नहीं मिलता, जबकि यह हमारी मेहनत के पैसों से खरीदा जाता है। विडंबना यह है कि रोज के डेटा की सीमा तय होती है, लेकिन मासिक डेटा सीमा नहीं होती। मासिक डेटा सीमा होने पर पूरा डेटा इस्तेमाल होने की संभावना अधिक होती है, क्योंकि लोग छुट्टी के दिन डेटा का अधिक उपयोग करते हैं। लेकिन ऐसा नहीं होता और बचा हुआ डेटा वैलिडिटी समाप्त होने पर एक्सपायर हो जाता है। राघव चड्ढा के अनुसार आज इंटरनेट हर चीज के लिए जरूरी हो गया है और यह हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है।

डेटा को डिजिटल संपत्ति माना जाए

आप सांसद ने मांग की थी कि अनुपयुक्त डेटा का बाद में इस्तेमाल करने की सुविधा दी जानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि डेटा वैलिडिटी समाप्त होने के साथ समाप्त न हो। यह डेटा की ही बात नहीं है बल्कि उपभोक्ता के अधिकार की भी बात है। माह के अंत में अगर अधिक डेटा बचा हो तो उपयोगकर्ता को इस डेटा का समायोजन अपने रीचार्ज प्लान में करने की छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त डेटा को 'डिजिटल संपत्ति' माना जाए और उसे स्थानांतरित करने की सुविधा उपयोगकर्ता को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जितनी बिजली की खपत की जाती है उतना ही पैसा हम देते हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह जितना डेटा इस्तेमाल हो, उपयोगकर्ता से उतने का ही पैसा लिया जाना चाहिए।

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