श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंक पर नकेल कसने के अपने अभियान के तहत गुरुवार को श्रीनगर में 21 स्थानों पर तलाशी ली। पुलिस ने यह कार्रवाई 22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले और उसमें 26 लोगों के मारे जाने की पृष्ठभूमि में की है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जिन घरों पर तलाशी ली गई उनमें अल-उमर आतंकवादी संगठन के संस्थापक मुश्ताक अहमद जरगर उर्फ लतराम का घर भी शामिल है। लतराम को जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के साथ 1999 में अपहृत इंडियन एयरलाइंस की उड़ान 814 के यात्रियों के बदले जेल से रिहा किया गया था।
आतंक के नेटवर्क पर बड़ा वार
जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि जिले में आतंकवाद को समर्थन देने वाले बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के उद्देश्य से शहर में कई स्थानों पर तलाशी तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि ये तलाशी प्रतिबंधित संगठनों के आतंकवादी सहयोगियों के खिलाफ जारी कार्रवाई का हिस्सा है और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज मामलों की जांच को आगे बढ़ाने के लिए की गई है। प्रवक्ता ने बताया कि 21 स्थानों पर तलाशी ली गई।
हथियार, दस्तावेज, डिजिटल उपकरण जब्त करने के लिए तलाशी
उन्होंने बताया कि तलाशी जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों की निगरानी में कार्यकारी मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उचित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की गई। यह तलाशी हथियार, दस्तावेज, डिजिटल उपकरण आदि जब्त करने के लिए की गई, जिसका उद्देश्य किसी भी षड्यंत्रकारी या आतंकवादी गतिविधि का पता लगाने और उसे रोकने के लिए साक्ष्य एकत्र करना और खुफिया जानकारी एकत्र करना था।
प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस की निर्णायक कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे राष्ट्र-विरोधी और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों की पहचान करके और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना तथा केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करना है। उन्होंने बताया कि श्रीनगर पुलिस शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता के मुताबिक हिंसा, व्यवधान या गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे। (भाषा इनपुट्स के साथ)