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क्या जम्मू-कश्मीर का होगा बंटवारा? जानें इस मुद्दे पर CM उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा

 Published : Jan 21, 2026 12:42 pm IST,  Updated : Jan 21, 2026 01:43 pm IST

जम्मू-कश्मीर से जम्मू को अलग करने की मांग पर प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बड़ा बयान दिया है। सीएम ने कहा है कि प्रदेश की एकता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि विभाजन की मांग जम्मू के हित में नहीं है।

omar Abdullah Jammu and Kashmir division- India TV Hindi
जम्मू-कश्मीर के विभाजन पर बोले उमर अब्दुल्ला। (फाइल फोटो) Image Source : PTI

जम्मू-कश्मीर में बीते कुछ दिनों से प्रदेश के फिर से बंटवारे पर विवाद हो रहा है। लोगों के मन में सवाल है कि क्या जम्मू-कश्मीर का एक बार फिर से विभाजन होगा। इन चर्चाओं के बीच इस मुद्दे पर प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान भी सामने आया है। उमर अब्दुल्ला ने विभाजन की बात को सिरे से नकार दिया है। उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि जब तक जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस का झंडा लहराता रहेगा, तब तक कोई भी ताकत क्षेत्रीय या धार्मिक आधार पर इस क्षेत्र का बंटवारा करने की हिम्मत नहीं करेगी।

क्या बोले सीएम उमर अब्दुल्ला?

सीएम उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के दो दिवसीय ब्लॉक अध्यक्ष सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की एकता अपरिवर्तनीय है। उमर अब्दुल्ला ने भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा जम्मू-कश्मीर के नए सिरे से विभाजन की मांग को भ्रामक बताया और कहा कि ये आखिर में  जम्मू क्षेत्र के हितों को ही नुकसान पहुंचाएगी।

भाजनकारी राजनीति ने जम्मू का नुकसान किया- CM

उमर अब्दुल्ला ने कहा- "दरबार मूव को रोकने वाले या मेडिकल कॉलेज बंद होने पर खुशी मनाने वाले जम्मू के शुभचिंतक होने की बात नहीं कर सकते।" उमर अब्दुल्ला ने चेताया है कि इस प्रकार की संकीर्ण और विभाजनकारी राजनीति ने जम्मू का इससे पहले भी नुकसान किया है और भविष्य में भी पहुंचाएंगी। इसे नेशनल कान्फ्रेंस की सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।

फारूक अब्दुल्ला क्या बोले?

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला से भी भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा जम्मू को राज्य का दर्जा देने की मांग के बयान को लेकर सवाल पूछा गया था। फारूक अब्दुल्ला ने इस मांग को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे मूर्खतापूर्ण और अज्ञानतापूर्ण कहा था। उन्होंने ये तक उम्मीद जताई है कि केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख फिर से जम्मू-कश्मीर में शामिल होगा। बता दें कि साल 2019 में लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर दिया गया था। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया था। (इनपुट: भाषा)

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