जम्मू कश्मीर सरकार मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में मंगलवार को पहलगाम में एक विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित करेगी। इस कदम का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ एक मजबूत संदेश देना है। इस सरकार के कार्यकाल में यह पहली बार है, जब मंत्रिमंडल की बैठक ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर या शीतकालीन राजधानी जम्मू से बाहर होगी।
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की गई थी जान
पहलगाम का चयन इस पर्यटन नगरी के निवासियों के साथ एकजुटता दर्शाने के लिए भी किया गया है, जहां 22 अप्रैल को हुए एक आतंकवादी हमले के बाद से पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से अधिकांश पर्यटक थे।
जम्मू कश्मीर में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं
मंगलवार को पहलगाम में हो रही अब्दुल्ला सरकार के कैबिनेट बैठक का एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि इस बैठक का महत्व राष्ट्र-विरोधी और असामाजिक तत्वों को यह प्रतीकात्मक संदेश देने में अधिक है कि जम्मू कश्मीर में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है।
पहले भी इन इलाकों में हो चुकीं हैं कैबिनेट बैठकें
अब्दुल्ला ने 2009-2014 तक पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान उत्तर कश्मीर के गुरेज, माछिल, तंगधार और जम्मू क्षेत्र के राजौरी और पुंछ जैसे दूरदराज के इलाकों में कैबिनेट बैठकें की थीं।
पर्यटन क्षेत्र को को फिर पटरी पर लाने का रखा था दृष्टिकोण
विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित करने का निर्णय ऐसे समय में लिया गया है। जब दो दिन पहले अब्दुल्ला ने शनिवार को पहलगाम आतंकवादी हमले से बुरी तरह प्रभावित जम्मू कश्मीर पर्यटन क्षेत्र को फिर से पटरी पर लाने के लिए दोहरा दृष्टिकोण प्रस्तावित किया था।
पीएम मोदी से भी की थी ये अपील
उन्होंने केंद्र से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को कश्मीर में बैठकें आयोजित करने का निर्देश देने और संसदीय समितियों की बैठकें वहां आयोजित करने का आग्रह किया था। उन्होंने यह अपील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में की थी। (भाषा के इनपुट के साथ)