India Pakistan Tension: केंद्र सरकार ने सोमवार 5 मई को देश के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों में युद्ध वाले सायरन बजाकर मॉक-ड्रिल करने का निर्देश दिया है। 7 मई को देश के 244 जिलों के 259 जगहों पर मॉक-ड्रिल के तौर पर युद्ध वाले सायरन बजाए जाएंगे। यह मॉक-ड्रिल नागरिकों को युद्ध के समय बजने वाले सायरन को पहचानने के लिए किया जाएगा। इस दौरान कुछ देर तक युद्ध वाला सायरन बजता रहेगा। हालांकि, नागरिकों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
इन 4 शहरों में बजेगा सायरन
भारत और पाकिस्तान की सीमा पर बढ़ रहे तनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देशव्यापी मॉक ड्रिल करने का निर्देश जारी किया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश में देशव्यापी मॉक ड्रिल का आयोजन सभी 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों में किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने इस मॉक ड्रिल के लिए देश के 244 जिलों के 259 शहरों का चयन किया गया है। इन शहरों को 3 कैटेगरी में भी बांटा गया है। झारखंड के भी 6 शहरों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है। झारखंड में कैटेगरी 2 के तहत 4 शहरों - जमशेदपुर, रांची बोकारो और गोमोह को चुना गया है। वहीं, कैटेगरी 3 में भी दो शहर- गोड्डा और साहेबगंज को रखा गया है। यहां कैटेगरी 1 में किसी शहर को शामिल नहीं किया गया है।
| इन शहरों में बजेगा सायरन | |
| कैटेगरी 2 | जमशेदपुर, रांची, बोकारो और गोमोह |
| कैटेगरी 3 | गोड्डा और साहेबगंज |
कब बजते हैं युद्ध वाले सायरन?
आम तौर पर युद्ध और आपातकाल की स्थिति में इस तरह के सायरन बजाए जाते हैं। युद्ध के समय सायरन बजाने के कई मायने होते हैं, जिनमें लोगों को हवाई हमले की वार्निंग, एयरफोर्स के साथ रेडियो संपर्क चालू करने के लिए या फिर सिविल डिफेंस की तैयारियों को जांचने के लिए, ब्लैकआउट और कंट्रोल रूम की तैयारियों की जांच करने के लिए यह एक्सरसाइज किया जाता है। युद्ध के सायरन 2 से 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई देते हैं। यह आम अलार्म या फिर एंबुलेंस के सायरन जैसा नहीं होगा। यह तेज आवाज वाला वार्निंग सिस्टम होगा, जो 120 से लेकर 140 डेसिबल तक की आवाज करेगा।
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