रांची: झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बीजेपी के साथ सरकार बनाने की अटकलों पर जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे का बयान सामने आया है। मनोज पांडे ने साफ कहा कि बीजेपी और जेएमएम के साथ में आने की कोई संभावना नहीं है। ये निराधार अफवाहें हैं। सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।
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मनोज पांडे ने और क्या कहा?
मनोज पांडे ने कहा, "ये चर्चाएं कहां से आती हैं? ये क्यों उठती हैं? मुझे एक कारण बताएं कि गठबंधन क्यों टूटेगा और हम किसी अन्य पार्टी में क्यों शामिल होंगे। कोई संभावना नहीं है। सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। गठबंधन को जनादेश मिला है। हम इसका सम्मान करते हैं। वह (सीएम हेमंत सोरेन) दिल्ली में हैं। दिल्ली जाने के कई कारण हैं, व्यक्तिगत से लेकर अन्य कारण। ये निराधार अफवाहें हैं। हमारे नेता हेमंत सोरेन हर चीज की समीक्षा करेंगे। वह उचित समय पर उचित निर्णय लेंगे।"
महुआ माझी का भी सामने आया बयान
संसद शीतकालीन सत्र के दौरान झारखंड में झामुमो-भाजपा गठबंधन की खबरों पर झामुमो नेता महुआ माझी का बयान भी सामने आया। उन्होंने कहा, "कई तरह की अफवाहें हैं, लेकिन पार्टी स्तर पर कोई चर्चा नहीं हुई है। मुझे भी इसमें संदेह है क्योंकि सबसे कठिन समय में भी, जब ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल डर पैदा करने के लिए किया गया था और मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था और पांच महीने जेल में बिताने पड़े थे, इससे पहले कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई सबूत नहीं है। इसलिए उन परिस्थितियों में, वह गठबंधन में शामिल नहीं हुए। अब, हमारी अपनी सरकार है, 81 में से 56 सीटें हैं, और कार्यकाल के चार साल बाकी हैं, मुझे विश्वास है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार चलती रहेगी। इसलिए यह सिर्फ़ एक अफवाह लगती है।"
JMM की बीजेपी के साथ जाने को लेकर क्यों लगाई गईं अटकलें?
दरअसल झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपने एक्स हैंडल पर 2 दिसंबर को एक पोस्ट किया जिसमें लिखा था कि झारखंड झुकेगा नहीं। ऐसे में लोग कयास लगाने लगे कि बिहार चुनाव में महागठबंधन की तरफ से सीट नहीं मिलने पर हेमंत सोरेन और महागठबंधन के नेताओं के बीच मतभेद चल रहे हैं।
इसी बीच JMM प्रवक्ता कुणाल सारंगी ने भी एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, "हाथी घोड़े तोप तलवारें, फौज भी तेरी सारी है। जंजीरो में जकड़ा राजा मेरा, फिर भी सब पर भारी है। झारखंड में भाजपा घाटशिला का उप चुनाव हारते ही सरेंडर मोड पर है। इनके नेतागण जान चुके है कि अगले 20 साल भाजपा झारखंड के सत्ता के केंद्र में नहीं लौटेगी। इसलिए हर रोज एक नया शिगूफ़ा - हर रोज़ एक नया सपना। पर सब ये जान लें। झारखंड ना झुका था-ना झुकेगा।"