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अंडर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के ऑनलाइन शिक्षण के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 02, 2020 10:53 pm IST,  Updated : Jul 02, 2020 10:53 pm IST

उच्च शिक्षा विभाग ने गुरुवार को विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले सभी कॉलेजों के अंडर ग्रेजुएट (यूजी) और पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) छात्रों के ऑनलाइन शिक्षण के लिए दिशानिर्देश जारी किए है।

Guidelines issued for online teaching of UG, PG students- India TV Hindi
Guidelines issued for online teaching of UG, PG students Image Source : FILE

भुवनेश्वर: उच्च शिक्षा विभाग ने गुरुवार को विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले सभी कॉलेजों के अंडर ग्रेजुएट (यूजी) और पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) छात्रों के ऑनलाइन शिक्षण के लिए दिशानिर्देश जारी किए है। राज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को 31 अगस्त तक शिक्षण के उद्देश्य से बंद रहने के लिए कहा है। इस फैसले के बाद पढ़ाई का नुकसान होगा और शैक्षणिक कैलेंडर पर भी फर्क पड़ेगा। इसी को देखते हुए विभाग ने सभी डिग्री कॉलेजों को अपने दिशानिर्देशों का पालन करके ऑनलाइन शिक्षण शुरू करने के लिए कहा है।

दिशानिर्देशों के अनुसार इंटरमीडिएट सेमेस्टर/वर्ष के छात्रों के लिए 13 जुलाई से ऑनलाइन शिक्षण शुरू किया जाएगा। शिक्षक व्हाट्सएप या ईमेल ग्रुप बनाएंगे जिसमें एक समूह में 32 से अधिक बच्चे नहीं होंगे। छात्रों को घर पर अध्ययन के लिए व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से नोट्स/ पाठ्य पुस्तकों/संदर्भ पुस्तकों/अच्छे पीपीटी/ अनुशंसित व्याख्यानों की सॉफ्ट कॉपी भी प्रदान की जाएगी।

ई-पीजी पाठशाला, e-PG Pathshala, MOOC (massive open online course) और ओडिशा स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर  छात्रों के पढ़ने के लिए अच्छी अध्ययन सामग्री भी मौजूद है। शिक्षक सप्ताह में तीन दिन प्रतिदिन कम से कम 2 से 3 घंटे छात्रों के साथ ऑनलाइन कक्षा का संचालन करेंगे। वे Google मीट/ ज़ूम/स्काइप या अन्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग कर सकते हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि कॉलेज परिसर से शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन कक्षा का संचालन किया जाना चाहिए।

शिक्षक ऑनलाइन कक्षा में आने वाले छात्रों की उपस्थिति रजिस्टर बनाए रखेंगे और अपना प्रोगेस रजिस्टर भी बनाएंगे। प्रत्येक विभाग ऑनलाइन कक्षाओं के लिए समय सारणी तैयार करेगा और इसे उन प्राचार्यों को प्रस्तुत करेगा जो कॉलेज की वेबसाइट पर अपलोड करने और व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से छात्रों को भेजने के लिए मास्टर टाइम टेबल तैयार करेंगे।

दो या तीन वरिष्ठ शिक्षकों की सहायता से प्रधाअध्यापक समय-समय पर ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन की निगरानी करेंगे। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षा के क्षेत्रीय निदेशक (आरडीई) ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन की निगरानी के लिए आश्चर्यजनक दौरा भी करेंगे।

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