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1 जुलाई से होगा नई कंपनियों का ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन, आधार व स्‍व-घोषणा की होगी जरूरत

पंजीकरण की प्रक्रिया पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जा सकती है। पोर्टल की जानकारी एक जुलाई 2020 से पहले सार्वजनिक कर दी जाएगी।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: June 27, 2020 14:28 IST
From 1 July, register enterprise online with Aadhaar, self-declaration- India TV Paisa
Photo:GOOGLE

From 1 July, register enterprise online with Aadhaar, self-declaration

नई दिल्ली। सरकार ने कंपनियों के पंजीकरण के लिए दस्तावेजों व प्रमाणपत्रों को अपलोड करने की आवश्यकता को समाप्त कर स्व-घोषणा के आधार पर ऑनलाइन पंजीकरण कराने के नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए दिशा-निर्देश एक जुलाई 2020 से प्रभावी होंगे। अधिकारियों ने कहा कि यह आयकर और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की प्रणालियों के साथ उद्यम पंजीकरण प्रक्रिया को जोड़ने से संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि जो भी जानकारियां प्रदान की जाएंगी, उनका सत्यापन स्थायी खाता संख्या (पैन संख्या) और जीएसटी पहचान संख्या (जीएसटीआईएन) से किया जा सकता है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आधार नंबर के आधार पर किसी उद्यम को पंजीकृत किया जा सकता है। अन्य विवरण किसी भी कागज को अपलोड करने या जमा करने की आवश्यकता के बिना स्व-घोषणा के आधार पर दिए जा सकते हैं। इस प्रकार यह सही अर्थों में एक दस्तावेज रहित उपाय है। अधिसूचना में यह भी कहा गया कि अब एक लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम (एमएसएमई) इकाइयों को उद्यम के नाम से जाना जाएगा। यह शब्द उपक्रम शब्द के अधिक करीब है। इसी तरह पंजीकरण प्रक्रिया को अब उद्यम पंजीकरण  कहा जाएगा। जैसा कि पहले घोषित किया गया था।

संयंत्र, मशीनरी अथवा उपकरण में निवेश और कारोबार अब एमएसएमई के वर्गीकरण के लिए बुनियादी मानदंड हैं। अधिसूचना स्पष्ट करती है कि किसी भी उद्यम के कारोबार की गणना करते समय वस्तुओं या सेवाओं या दोनों के निर्यात को उनके टर्नओवर की गणना से बाहर रखा जाएगा, भले ही संबंधित उपक्रम सूक्ष्म हो या लघु हो या मध्यम। बयान में कहा गया है कि पंजीकरण की प्रक्रिया पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जा सकती है। पोर्टल की जानकारी एक जुलाई 2020 से पहले सार्वजनिक कर दी जाएगी।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने एक जून 2020 को निवेश एवं कारोबार के आधार पर एमएसएमई के वर्गीकरण के नए मानदंडों की अधिसूचना जारी की थी। नए मानदंड एक जुलाई 2020 से प्रभावी होने वाले हैं। एमएसएमई मंत्रालय ने उसी के आधार पर शुक्रवार को एक विस्तृत अधिसूचना जारी की, जो एमएसएमई के वर्गीकरण के विस्तृत मापदंडों और पंजीकरण की प्रक्रिया तथा मंत्रालय के द्वारा इस प्रक्रिया में सुविधा के लिए किए गए प्रबंधों की विस्तृत जानकारी देता है।

एमएसएमई मंत्रालय ने जिला स्तर और क्षेत्रीय स्तर पर एकल खिड़की प्रणाली के रूप में एमएसएमई के लिए एक मजबूत सुविधा तंत्र भी स्थापित किया है। बयान में कहा गया है कि ह उन उद्यमियों की मदद करेगा, जो किसी भी कारण से उदयम पंजीकरण दर्ज करने में सक्षम नहीं हैं। जिला स्तर पर, जिला उद्योग केंद्रों को उद्यमियों की सुविधा के लिए जिम्मेदार बनाया गया है। जिन लोगों के पास वैध आधार नंबर नहीं है, वे इस सुविधा के लिए एकल आधार प्रणाली से संपर्क कर सकते हैं। आधार नामांकन अनुरोध या पहचान के साथ, बैंक फोटो पासबुक, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस और सिंगल विंडो सिस्टम उन्हें आधार संख्या प्राप्त करने के बाद पंजीकरण करने में सुविधा प्रदान करेगा।

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