एमएसएमई सेक्टर के लिए भी बजट में कई बड़े ऐलान किए गए हैं। वित्त मंत्री ने छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। आइये जानते हैं एमएसएमई सेक्टर के लिए इस बार बजट में क्या है।
5000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी निवेश के बाद वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले एमएसएमई की संख्या वित्तीय वर्ष 2025 के अंत में 76.26 लाख से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2028 के अंत तक 1.02 करोड़ होने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी वर्ष अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। यह बजट ऐसे समय में तैयार किया जा रहा है जब वैश्विक परिदृश्य भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है और अमेरिका द्वारा भारत से आयातित उत्पादों पर भारी टैरिफ लागू है।
न्यूजीलैंड विश्व का प्रमुख डेयरी उत्पादक देश है और ऐसे में इस क्षेत्र में बाजार पहुंच बढ़ाने की उसकी मांग को लेकर भारत की स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दिल्ली सरकार की इस पहल से हजारों छोटे और मझोले उद्यमियों को बिना किसी गारंटी के ऋण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए ₹5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
जीएसटी काउंसिल आम टैक्सपेयर्स और कारोबारियों को राहत देने की कोशिश में है। इसके लिए नए फैसले लिए जाने की बात सामने आई है। कुछ जीवनरक्षक दवाओं पर भी टैक्स में राहत दी जा सकती है।
सरकार द्वारा पेश की गई कुछ ऐसी लोन योजनाएं हैं जो आपको स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ने का मौका देती हैं। जरूरी योग्यता को पूरी कर आप भी अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रश्नगत नीति के माध्यम से वैश्विक बाजारों को ध्यान में रखते हुए फुटवियर लेदर और नॉन लेदर उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बैंक 4 अलग-अलग कैटेगरी- शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस में लोन देने मुहैया कराते हैं।
एंबिट फिनवेस्ट का कहना है कि यह पार्टनरशिप सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को लोन तक एक्सेस आसान बनाएगा। कंपनी इस पार्टनरशिप के जरिये, एमएसएमई के व्यापक क्षेत्र तक पहुंचने की तैयारी में हैं।
एमएसएमई लोन कारोबार विस्तार, ऑपरेशनल खर्च और दूसरी वित्तीय जरूतों के लिए जरूरी फंड उपलब्ध करते हैं। यह लोन वित्तीय सहायता प्रदान करके, छोटे व्यवसायों की वित्तीय बाधाओं को दूर करने में मदद करते हैं।
फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर का एक विशेष रूप है, जिसमें बहुमंजिला इमारतें होती हैं, जिन्हें मैन्यूफैक्चरिंग, असेंबली और स्टोरेज ऑपरेशंस के लिए उपयुक्त इंडिविजुअल यूनिट्स में विभाजित किया जाता है।
अडानी ग्रुप का यह निवेश स्मार्ट-मीटर, हाइड्रो पंप स्टोरेज, पावर ट्रांसमिशन, सड़क एवं राजमार्ग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स के साथ ही ‘स्किलिंग एवं वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर’ के माध्यम से क्षमता-निर्माण का विस्तार करेगा।
मुकेश अंबानी ने कहा कि हम उत्तर-पूर्व में अपने 4.5 करोड़ बहनों और भाइयों में से अधिकांश के जीवन को छूने की आकांक्षा रखते हैं। हम क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले एफएमसीजी उत्पादों के लिए कारखानों में भी निवेश करेंगे और क्षेत्र की शानदार कारीगर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगे।
गौतम अडानी ने कहा कि उनका ग्रुप पूर्वोत्तर राज्यों में 50,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगा। यह निवेश अगले 10 साल में किया जाएगा।
इंडिया एसएमई फोरम ने अमेजन के साथ साझेदारी में क्यूसीओ और बीआईएस प्रमाणन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को संबोधित करने के लिए विक्रेता शिक्षा अभियान शुरू किया है।
इस योजना से एमएसएमई को अब आधुनिक मशीनरी और उपकरणों में निवेश करने के लिए बहुत जरूरी समर्थन मिलेगा। विनिर्माण को बढ़ावा देने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के वर्तमान पुनर्गठन पर भारत के ध्यान को देखते हुए, एमएसएमई को ऋण देने की यह नीति वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में उनके एकीकरण को बढ़ाएगी।
मंत्रालय ने कहा कि इस योजना में स्वीकृति वर्ष के दौरान ऋण पर वार्षिक गारंटी शुल्क शून्य होगा। यह शुल्क अगले तीन वर्षों के लिए पिछले वर्ष के बकाया ऋण का 1.5 प्रतिशत प्रति वर्ष होगा।
एमएसएमई को मशीनरी व उपकरण खरीदने के लिए बिना किसी गारंटी या तीसरे पक्ष की गारंटी के ‘टर्म लोन’ की सुविधा देने के लिए एक ऋण गारंटी योजना शुरू की जाएगी।
सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब एंड सिंध बैंक ने अपने डिजिटल मंच के माध्यम से ऋण को बढ़ावा देने की पहल के तहत इस महीने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 25 लाख रुपये तक की इंस्टैंट लोन स्कीम शुरू करने की योजना बनाई है।
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