ढाका: बांग्लादेश में बृहस्पतिवार यानी 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव और जनमत संग्रह से ठीक पहले हिंदू संगठनों ने अपनी सुरक्षा के बाबत एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। देश के प्रमुख हिंदू संगठनों ने "अल्पसंख्यक सुरक्षा मॉनिटरिंग सेल" का गठन किया है। यह सेल चुनाव से पहले, इसके दौरान और बाद में होने वाली किसी भी हिंसा, धमकी या मानवाधिकार उल्लंघन की सख्त निगरानी करेगा। साथ ही हिंदुओं को सुरक्षा प्रदान करेगा।
मॉनीटरिंग सेल का मुख्य उद्देश्य है कि धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं को सुरक्षित मतदान का अधिकार मिले। 2024 के जुलाई विद्रोह के बाद से हिंदू समुदाय पर हमले, मंदिरों पर अतिक्रमण और हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। संगठनों का कहना है कि पिछले 18 महीनों में 2,000 से अधिक साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाएं दर्ज की गईं, जिसमें हत्याएं, महिलाओं पर अत्याचार और पूजा स्थलों पर हमले शामिल हैं। यह सेल रिपोर्टिंग और डॉक्यूमेंटेशन पर फोकस करेगा।
हिंदू समेत दूसरे अल्पसंख्यकों की भी रक्षा
इस सेल ने तय किया है कि चाहे हिंदू हो या अन्य कोई अल्पसंख्यक व्यक्ति। किसी घटना, धमकी या समस्या की सूचना सेल को दे सकता है। सेल तुरंत जांच करेगा, सबूत जुटाएगा और जरूरत पड़ने पर चुनाव आयोग, पुलिस, अंतरिम सरकार और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को रिपोर्ट भेजेगा। सेल का हेल्पलाइन नंबर और ईमेल सभी हिंदू बहुल इलाकों में प्रसारित किया गया है।एक हिंदू कार्यकर्ता ने कहा, "हम सिर्फ वोट देने नहीं जा रहे, हम अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रहे हैं। चुनाव के दौरान अगर कोई हिंसा होती है तो दुनिया को पता चलेगा।"
बांग्लादेश में कुल हैं 1.8लाख
संगठन उम्मीद करते हैं कि यह सेल न केवल अल्पसंख्यकों की रक्षा करेगा बल्कि चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने में मदद करेगा। बांग्लादेश में हिंदू आबादी लगभग 8% है, लेकिन वे अक्सर राजनीतिक हिंसा का शिकार होते हैं। यह मॉनिटरिंग सेल अल्पसंख्यकों के बीच विश्वास बहाली का प्रयास है, ताकि वे बिना डर के मतदान केंद्र पहुंच सकें। कल का दिन सिर्फ वोटिंग का नहीं, बल्कि लोकतंत्र और समानता की परीक्षा का भी होगा।
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