अमेरिका के एक सांसद ने H-1B वीजा प्रोग्राम खत्म करने के लिए एक विधेयक पेश किया है। उनका कहना है कि कंपनियों ने बार-बार इस सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया है और सस्ते विदेशी श्रमिकों को अमेरिका में इंपोर्ट किया है। अमेरिका के फ्लोरिडा के रिपब्लिकन प्रतिनिधि ग्रेग स्ट्यूब ने EXILE एक्ट पेश किया, जिसमें इमिग्रेशन और नागरिकता कानून में संशोधन करके H-1B वीजा प्रोग्राम को खत्म करने का प्रस्ताव किया गया है। स्ट्यूब ने एक बयान में कहा, ''अमेरिकी नागरिकों के कल्याण और समृद्धि की तुलना में विदेशी श्रमिकों को प्राथमिकता देना हमारे मूल्यों और राष्ट्रीय हितों को कमजोर करता है।''
अमेरिकियों को प्राथमिकता देगा अमेरिका
अमेरिकी सांसद ने कहा, ''हमारे कामगार और युवा एच-1बी वीजा की वजह से लगातार विस्थापित और अधिकारहीन हो रहे हैं, जो हमारे कार्यबल की कीमत पर कंपनियों और विदेशी प्रतिस्पर्धियों को फायदा पहुंचाता है। हम अपने बच्चों के सपनों को तब तक बरकरार नहीं रख सकते जब तक हम उनका हिस्सा गैर-नागरिकों को सौंपते रहेंगे। इसीलिए मैं 'EXILE Act' पेश कर रहा हूं, ताकि मेहनतकश अमेरिकियों को फिर से प्राथमिकता दी जा सके।'' बताते चलें कि भारतीय प्रोफेशनल्स का एक बड़ा तबका अमेरिका में रहने और काम करने के लिए एच-1बी वीजा का इस्तेमाल करता है। ऐसे में, एच-1बी वीजा को खत्म करने से भारतीय पेशेवरों को बड़ा झटका लगेगा।
अमेरिका ने एच-1बी वीजा पर लगाए नए और कड़े प्रतिबंध
ट्रंप प्रशासन ने कानूनी और अवैध दोनों तरह के इमिग्रेशन पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है और एच-1बी जैसे वीजा पर नए और कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। ट्रंप ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम के गलत इस्तेमाल को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए पिछले साल एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें नए एच-1बी वीजा पर 1,00,000 डॉलर की फीस लगाई गई थी। इस कदम से भारतीय पेशेवरों के बीच व्यापक दहशत, भ्रम और चिंता फैल गई थी। बयान में कहा गया है कि एच-1बी वीजा प्राप्त करने वालों में से 80 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय या चीनी नागरिक हैं, जिनमें युवा श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाती है।



































