Maha Shivratri 2026 Puja Phool: भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026, रविवार को मनाया जाएगा। ये दिन शिव भक्तों के लिए बेहद खास होता है। इस दिन भोलेनाथ की पूजा कई चीजों से की जाती हैं जिनमें फूल भी शामिल हैं। कहते हैं भगवान शिव को कुछ खास फूल अर्पित करने से उनकी कृपा शीघ्र ही प्राप्त हो जाती है। तो वहीं कुछ फूल ऐसे हैं जिन्हें शिव की पूजा में भूलकर भी शामिल नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि 2026 पर शिव पूजा में कौन से फूल चढ़ाएं और कौन से नहीं।
भगवान शिव के प्रिय फूल (Bhagwan Shiv Ke Priya Phool For Maha Shivratri 2026)
- धतूरा: यशिवपुराण के अनुसार धतूरा का फूल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इसे भगवान शिव को अर्पित करने से रोग, भय और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है।
- आक: आक के फूल भी शिव जी की प्रिय माने जाते हैं। कहते हैं इसे भगवान शिव पूजा को अर्पित करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और साहस बढ़ता है।
- शमी: महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को शमी के फूल जरूर चढ़ाने चाहिए। कहते हैं इससे सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
- कनेर: कनेर का फूल भी भगवान शिव का प्रिय माना जाता है। आप महाशिवरात्रि की पूजा में इस फूल को भी शामिल कर सकते हैं।
- चमेली: चमेली के सफेद फूल भी भगवान शिव के प्रिय माने जाते हैं। इससे भोलेनाथ की कृपा शीघ्र ही प्राप्त हो जाती है।
- सफेद कमल: शिवलिंग पर सफेद कमल अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है।
- बेला: इस फूल से भगवान शिव की पूजा करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
शिव पूजा में वर्जित फूल (Bhagwan Shiv Ko Kaun Se Phool Nhi Chadane Chahiye)
भगवान शिव को केतकी और चंपा के फूल भूलकर भी नहीं चढ़ाने चाहिए। इसके अलावा टूटे-फूटे या सूखे फूल भी भगवान शिव को अर्पित नहीं करने चाहिए। तो वहीं कांटे वाले पौधों के फूल भी शिवलिंग पर चढ़ाने से बचना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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