अंबानी परिवार का नाम दुनिया के सबसे प्रभावशाली और समृद्ध बिजनेस घरानों में शुमार किया जाता है। इस साम्राज्य की नींव रखी थी धीरूभाई अंबानी ने, जिन्होंने साधारण शुरुआत से असाधारण ऊंचाइयों तक का सफर तय किया। युवावस्था में उन्होंने यमन में एक छोटी फर्म के साथ काम शुरू किया और फिर भारत लौटकर रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्थापना की।आज धीरूभाई की विरासत को उनके बेटे मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी आगे बढ़ा रहे हैं, जो अपने-अपने बिजनेस वेंचर्स के जरिए इस विशाल साम्राज्य के अलग-अलग हिस्सों को संभालते हैं। वहीं परिवार के कुछ सदस्य ऐसे भी हैं, जिन्होंने हमेशा लो-प्रोफाइल रहना पसंद किया। धीरूभाई की बेटियां नीना कोठारी और दीप्ति सालगांवकर ने लाइमलाइट से दूर रहकर अपने परिवार और व्यवसाय को संभाला। इन्हीं में से दीप्ति सालगांवकर के बेटे विक्रम सालगांवकर अंबानी परिवार के कम चर्चित लेकिन अहम सदस्यों में गिने जाते हैं।
विक्रम सालगांवकर, ईशा अंबानी, आकाश अंबानी और अनंत अंबानी के बड़े कजिन हैं। हालांकि अंबानी परिवार अक्सर सुर्खियों में रहता है, विक्रम और उनका परिवार ज्यादातर सार्वजनिक ध्यान से दूर ही रहे हैं। विक्रम सालगांवकर, दत्तराज सालगांवकर और दीप्ति सालगांवकर के बेटे हैं। उनकी एक बहन भी हैं- इश्चेता सालगांवकर। अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद विक्रम ने अमेरिका के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के व्हार्टन स्कूल से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की डिग्री हासिल की। यह वही संस्थान है, जहां से कई वैश्विक बिजनेस लीडर्स ने शिक्षा प्राप्त की है।
उनके पिता दत्तराज सालगांवकर, वीएम सालगांवकर ग्रुप ऑफ कंपनीज के प्रमुख हैं। यह समूह मुख्य रूप से आयरन ओर, कोयला और विंड एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है। पारिवारिक व्यवसाय की मजबूत पृष्ठभूमि के बावजूद, विक्रम ने अपने करियर की शुरुआत स्वतंत्र रूप से की। 2007 में उन्होंने मैकिन्से एंड कंपनी में एसोसिएट के रूप में काम शुरू किया, जहां उन्होंने कॉरपोरेट रणनीति और बिजनेस मैनेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। इसके बाद वे रिलायंस एंटरटेनमेंट से जुड़े और बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर की भूमिका निभाई। वर्तमान में वे VM सालगांवकर होटल्स एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। एक अनुभवी बिजनेस प्रोफेशनल के रूप में वे भारत और अमेरिका के बीच अपने कार्यों का संचालन करते हैं और पारिवारिक उद्यमों के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। अपने मौजूदा पद पर वे रोजमर्रा के संचालन की निगरानी करने के साथ-साथ नए अवसरों और रणनीतिक विस्तार पर भी काम करते हैं।
परिवार के भीतर विक्रम की पहचान सिर्फ एक बिज़नेसमैन के रूप में नहीं, बल्कि धीरूभाई अंबानी के सबसे बड़े पोते के रूप में भी खास रही है। कहा जाता है कि धीरूभाई का अपनी बेटियों दीप्ति और नीना के साथ बेहद स्नेहपूर्ण रिश्ता था। इसी तरह विक्रम के साथ भी उनका रिश्ता बहुत खास था। पहले पोते होने के नाते विक्रम परिवार में विशेष स्थान रखते थे। अक्सर यह कहा जाता है कि धीरूभाई उन्हें बेहद पसंद करते थे और उनके साथ एक अनोखा, स्नेहभरा संबंध साझा करते थे। भले ही विक्रम सालगांवकर सार्वजनिक मंचों पर कम दिखाई देते हों, लेकिन वे उस विरासत का हिस्सा हैं, जिसने भारतीय उद्योग जगत को नई दिशा दी। अब विक्राम शादी के बंधन में बंध गए हैं और उनकी शादी में पूरा अंबानी परिवार शामिल हुआ। दोनों मामा मुकेश, अनिल, नानी कोकिलाबेन और उनका पूरा परिवार जश्न में डूबा नजर आया।
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