Shani Trayodashi 2026: साल की पहली शनि त्रयोदशी पर 5 राशि वाले जरूर करें ये खास उपाय, शनि साढ़े साती और ढैय्या से तुरंत मिल जाएगी राहत
Shani Trayodashi 2026: साल की पहली शनि त्रयोदशी पर 5 राशि वाले जरूर करें ये खास उपाय, शनि साढ़े साती और ढैय्या से तुरंत मिल जाएगी राहत
Written By: Laveena Sharma@laveena1693
Published : Feb 11, 2026 12:09 pm IST,
Updated : Feb 11, 2026 12:10 pm IST
Shani Trayodashi 2026: जब त्रयोदशी तिथि शनिवार के दिन पड़ती है तो उसे शनि त्रयोदशी के नाम से जाना जाता है। ये तिथि शनि दोष, साढे़ साती और ढैय्या जैसे ग्रह-दोषों से राहत पाने के लिए शुभ होती है।
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शनि त्रयोदशी 2026
Shani Trayodashi 2026: साल की पहली शनि त्रयोदशी 14 फरवरी 2026 को पड़ रही है। ये दिन उन लोगों के लिए बेहद खास साबित होगा जिन पर शनि साढ़े साती या शनि ढैय्या चल रही है। बता दें इस समय कुंभ, मीन और मेष राशि वालों पर शनि साढ़े साती चल रही है तो वहीं सिंह और धनु राशि वालों पर शनि ढैय्या है। चलिए जानते हैं शनि त्रयोदशी के दिन किन उपायों को करने से इन राशि वालों को शनि दोषों से राहत मिल जाएगी।
शनि त्रयोदशी उपाय 2026
शनि त्रयोदशी के दिन मंदिर में जाकर शनि देव की पूजा करें।
शनि चालीसा और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
शनि देव की प्रतिमा के समक्ष सरसों का या तिल के तेल का दीपक जलाएं।
काले वस्त्र, काले जूते, काली दाय या काले तिल का दान करें।
जरूरतमंदों को भोजन खिलाएं।
पीपल वृक्ष के पेड़ पर जल अर्पित करें और उसकी परिक्रमा करें।
अपनी छाया दान करें।
शनि देव को शमी के फूल जरूर चढ़ाएं।
इस दिन शिवलिंग की पूजा भी अवश्य करें। कहते हैं भगवान शिव की पूजा करने वालों पर शनि की विशेष कृपा रहती है।
साथ ही पूजा के समय महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना भी बिल्कुल भी न भूलें।
अगर शनि त्रयोदशी के दिन ऊपर दिए गए उपायों को करते हैं तो आपके ऊपर से शनि साढ़े साती या शनि ढैय्या का प्रभाव कम होने लगेगा।
शनिवार में छाया दान कैसे करें?
इसके लिए एक कटोरी में सरसों का तेल लें।
फिर शांत मन से उस तेल में अपनी परछाईं देखें।
साथ ही इस मंत्र का जाप करें - ॐ शनैश्चराय नमः
इसके बाद ये तेल पात्र सहित किसी जरूरतमंद व्यक्ति को या शनि मंदिर में दान कर दें।
दान के बाद पीछे मुड़कर न देखें। कहते हैं ये शनि दोष से मुक्ति पाने का सबसे अचूक उपाय है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)