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योग और वॉक से घटाया 94 किलो वजन, उल्टा दौड़ना बना गेम चेंजर, अब बदल गई इस शख्स की पूरी जिंदगी

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Feb 26, 2026 07:44 am IST,  Updated : Feb 26, 2026 07:44 am IST

Weight Loss With Reverse Walking And Yoga: मोटापा कम करने में आगे चलने से ज्यादा फायदेमंद उल्टे चलना है। इससे शरीर का फैट तेजी से कम होता है। एक शख्स ने सिर्फ रिवर्स वॉकिंग और योग से अपना 94 किलो वजन कम किया है।

Eddie Adegeye Weight Loss- India TV Hindi
Eddie Adegeye Weight Loss Image Source : MEN'S HEALTH

वजन घटाने से ज्यादा जरूरी है हेल्दी वजन को मेंटेन करना और इसके लिए लाइफस्टाइल बदलना सबसे जरूरी है। लाइफस्टाइल में कुछ आदतें शामिल कर ली जाएं तो लंबे समय में इससे आपकी पूरी सेहत और मोटापा पर असर दिखने लगेगा। एडी (Eddie Adegeye) की कहानी इस बात का सबूत है कि अगर शुरुआत छोटी हो, लेकिन इरादा मजबूत हो तो बदलाव जरूर आता है। 31 साल की उम्र में एडी ने करीब 9 साल मेहनत कर 181 किलो से अपना वजन 88 किलो कर लिया है। इस पूरे बदलाव में दो चीजें सबसे अहम रहीं एक वॉक और दूसरा योग। 

कॉलेज के दिनों में अनियमित खानपान और फास्ट फूड की आदतों ने एडी का वजन तेजी से बढ़ा दिया। परिवार में डायबिटीज का इतिहास था, इसलिए उनकी मां ने उन्हें समय रहते सचेत किया। यही बात उनके लिए वेक-अप कॉल साबित हुई। हालांकि 181 किलो वजन होने पर इसे घटाना आसान नहीं था। एडी रात के समय जिम जाते थे, जब वहां भीड़ कम होती थी। अपने बढ़े हुए वजन को लेकर कई बार वो असहज महसूस करते थे। हालांकि पहले ही दिन उन्होंने सब कुछ बदलने की कोशिश नहीं की। 

वॉक से बढ़ा हौसला

एडी ने वजन घटाने के लिए ट्रेडमिल पर इंक्लाइन वॉक शुरू की और हल्की वेट ट्रेनिंग की। लगातार एक साल तक रोज वॉक करने की आदत ने उनका 80 पाउंड  यानि करीब 36 किलो वजन कम कर दिया। वॉक में वो 1 स्टेप आगे और 2 स्टेप पीछे चलते थे, जिसे रिवर्स वॉकिंग कहते हैं। इस तरह वॉकिंग ने न सिर्फ कैलोरी बर्न की, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाया।

योग बना गेंम चेंजर

असली बदलाव तब आया जब उनकी जिंदगी में योग शामिल हुआ। शुरुआत में उन्हें योग कठिन और करने में मुश्किल लगा था। लेकिन एक दोस्त के कहने पर उन्होंने दोबारा कोशिश की, इस बार उन्होंने खुद को जज करने की बजाय योग में सांस और मूवमेंट पर ध्यान दिया। धीरे-धीरे योग सिर्फ एक्सरसाइज नहीं, बल्कि मानसिक शांति का जरिया बन गया। एडी हफ्ते में 4 से 6 बार योग करने लगे। कभी-कभी एक दिन में तीन क्लास भी अटेंड करते। योग ने उनके शरीर को लचीला, मजबूत और संतुलित बनाया। साथ ही तनाव कम किया और अनुशासन सिखाया। वॉकिंग और योग के इस कॉम्बिनेशन ने उनके शरीर को पूरी तरह बदल दिया।

मुश्किल में भी हार नहीं मानी

कोविड के दौरान उनका रूटीन बिगड़ा और वजन फिर बढ़ गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। जिम खुलते ही उन्होंने दोबारा वॉकिंग और योग को अपनाया। इस बार उन्होंने खुद को वजन घटाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि एथलीट की तरह देखना शुरू किया। आज वे नेशनल फिटनेस प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं और अपना वेलनेस बिजनेस चला रहे हैं। एडी का मानना है कि वजन घटाने किसी मैजिक डाइट का काम नहीं, बल्कि रोज की नॉर्मल वॉक और नियमित योग में इसका राज छिपा है।

 

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