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पीरियड्स बंद होने की वजह है पास्ता-चावल, महिलाओं को हो रही है ये खतरनाक बीमारियां

 Edited By: India TV Lifestyle Desk
 Published : May 03, 2018 11:16 am IST,  Updated : May 03, 2018 11:16 am IST

कई आप अधिक चावल या फिर सफेद पास्ता तो नहीं खाती है। अगर हां तो समझ लें कि आपको जल्द ही मोनोपॉज हो सकता है। जिसके कारण आपको दिल संबंधी बीमारियों के साथ कई अन्य बीमारियां घेर सकती है। यह बात ब्रिटेन में हुई एक रिसर्च में सामने आई।

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हेल्थ डेस्क:  कई आप अधिक चावल या फिर सफेद पास्ता तो नहीं खाती है। अगर हां तो समझ लें कि आपको जल्द ही मोनोपॉज हो सकता है। जिसके कारण आपको दिल संबंधी बीमारियों के साथ कई अन्य बीमारियां घेर सकती है। यह बात ब्रिटेन में हुई एक रिसर्च में सामने आई।

ब्रिटेन में हुए एक शोध में चेतावनी दी गई है कि सफेद पास्ता और चावल के अधिक सेवन से रजोनिवृत्ति समय से करीब डेढ़ वर्ष पहले हो सकती है।

एपिडेमिलॉजी एंड कम्युनिटी हैल्थ नाम के जर्नल में प्रकाशित शोध में पता चला है कि सेहतमंद चीजें मसलन तैलीय फिश और ताजी फलियां जैसे कि मटर और हरे बीन्स खाने से रजोनिवृत्ति देर से होती है।

यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स के शोधकर्ताओं ने खानपान और रजोनिवृत्ति के बीच संबंध तलाशा। इस शोध में ब्रिटेन में रहने वाली 14,150 महिलाओं को शामिल किया गया।

शोधकर्ता याश्वी डननेराम ने कहा, ‘‘यह इस किस्म का पहला शोध है जिसमें ब्रिटेन की महिलाओं में पोषक तत्वों, खाद्य समूहों की विस्तृत विविधता और प्राकृतिक रजोनिवृत्ति की आयु के बीच संबंध तलाशा गया। ’’

विस्तृत खानपान संबंधी प्रश्नावली के अलावा महिलाओं के प्रजनन के इतिहास और सेहत के बारे में जानकारी जुटाई गई। चार वर्ष बाद शोधकर्ताओं ने उन महिलाओं की डाइट का आकलन किया जिन्हें इस बीच रजोनिवृत्ति हो गई थी। ब्रिटेन में रजोनिवृत्ति की औसत आयु 51 वर्ष है।

करीब 900 महिलाओं (40 से 65 वर्ष ) को इस बीच प्राकृतिक रूप से रजोनिवृत्ति हुई। आकलन में पाया गया कि जिन महिलाओं ने तैलीय मछली का अधिक सेवन किया और उन्हें कम से कम तीन वर्ष विलंब से रजोनिवृत्ति हुई। जबकि पाया गया कि रिफाइंड पास्ता और चावल खाने वाली महिलाओं में रजोनिवृत्ति डेढ़ वर्ष समय पूर्व आ गई।

यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स में प्रोफेसर जानेट केड ने कहा कि रजोनिवृत्ति की आयु का कुछ महिलाओं के लिए सेहत पर गंभीर प्रभाव हो सकता है।

पहले के कुछ शोधों में पता चला कि समयपूर्व रजोनिवृत्ति से हड्डी का घनत्व कम होने , ऑस्टियोपरोसिस होने और दिल की बीमारियां होने का खतरा अधिक होता है जबकि रजोनिवृत्ति देर से होने से स्तन कैंसर, अंडाशय कैंसर और अंतर्गर्भाशयकला का कैंसर होने का जोखिम अधिक होता है।

जानिए क्या है मोनोपॉज

पीरियड्स या मासिक धर्म के स्थायी रूप से बंद हो जाने को रजोनिवृत्ति यानी मेनोपॉज़ कहते हैं। मेनोपॉज़ होने के बाद महिलाओं में शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के बदलाव हो जाते हैं। ये बदलाव काफी धीमी गति से होते हैं जिससे महिलाओं को कोई असुविधा नहीं होती, लेकिन कुछ महिलाओं को काफी दर्द से गुजरना पड़ता है।

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