नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की नौ दिनों तक पूजा की जाती है। नौ दिनों तक माता को अलग-अलग मिठाइयों से भोग लगाया जाता है। नवरात्रि के चौथे दिन माता को मालपुआ का भोग लगाते हैं। अगर आप भी चौथे दिन माता को मालपुआ का भोग लगाना चाहते हैं तो चलिए हम आपको बताते हैं गेहूं के आटे से मालपुआ कैसे बनाएं?
गेहूं के आटे से मालपुआ बनाने के लिए सामग्री
गेहूं का आटा एक कप, मिल्क पाउडर आधा कप, एक कप दूध, आधा चम्मच सौंफ, चीनी एक कप, इलाइची 4 केसर के दस से बारह धागे
गेहूं के आटे से मालपुआ बनाने की विधि
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पहला स्टेप: गेहूं के आटे से मालपुआ बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में एक कप गेहूं का आटा लें और उसमें आधा कप मिल्क पाउडरा डालकर मिलाएं। उसके बाद उसका घोल बनाने के लिए दूध का इस्तेमाल करें। आप उसमें एक कप दूध डालें और अच्छी तरह मिक्सर करते हुए बैटर तैयार करें। इस बात का ध्यान रखें कि घोल बहुत ज़्यादा पतला या बहुत ज़्यादा गाढ़ा नहीं होना चाहिए। अब इसे सेट होने के लिए आधे घंटे तक ढककर रख दें।
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दूसरा स्टेप: अब, एक तार की चाशनी तैयार कर लें। इसके लिए एक बर्तन में एक कप चीनी, इलायची पाउडर और केसर के धागे को एक कप पानी में डालकर गैस पर रखें। चीनी को अच्छी तरह घुलने दें और चाशनी को उबलने दें। जब पानी उबलने लगे तब इसकी एक बूंद लेकर चेक करें। अगर दोनों उंगलियों को अलग करने पर चाशनी का एक तार बनने लगे, तो समझ लें एक तार की चाशनी तैयार है। इसके अलावा आप घर पर आसानी से गेहूं के आटे का हलवा भी बना सकते हैं
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तीसरा स्टेप: तय समय के बाद घोल को एक बार फिर से फेंटें और फिर उसमें आधा चम्मच सौंफ मिलाएं। अब, गैस ऑन कर उस पर एक कड़ाही रखें और उसमें तेल डालें। जब तेल गर्म हो जाए तब करछी में घोल लें और उसे तेल में डालें दोनों साइड से मालपुआ को पकाएं। इस बता का ध्यान रखें कि इस दौरान गैस की फ्लेम मीडियम होनी चाहिए। जब मालपुआ पक जाये तो उसे गैस पर से उतारें।
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चौथा स्टेप: अब मालपुआ को चाशनी में डीप करें और फिर एक प्लेट में बाहर निकालें। आप इसके ऊपर रबड़ी डालकर माता रानी को भोग लगाएं।