गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन करने से लगता है कलंक, अशुभ फल से बचाएगा ये मंत्र

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को कलंक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों में आज के दिन चंद्र दर्शन निषेध बताया गया है।

India TV Lifestyle Desk Written by: India TV Lifestyle Desk
Published on: August 20, 2020 22:52 IST
कलंक चतुर्थी के दिन करें इस मंत्र का जाप- India TV Hindi
Image Source : INSTA/SIMONECAPACE/BAPPAMAJHA_OFFICIAL कलंक चतुर्थी के दिन करें इस मंत्र का जाप

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के साथ ही गणेश उत्सव की शुरुआत हो जाती है। ये उत्सव आज 22 अगस्त, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होकर 1 सितम्बर, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तक मनाया जायेगा। गणेश उत्सव के पहले दिन श्री गणेश जी की घर में स्थापना की जाती है और पूरे दस दिनों तक उनकी विधि-विधान से पूजा करके आखिरी दिन गणेश विसर्जन किया जाता है।  कई लोग एक दिन, तीन दिन, पांच दिन या सात दिनों के लिये भी गणपति जी को घर पर लाते हैं और उसके बाद उनका विसर्जन करते हैं। श्री गणेश भगवान की कृपा से इन दस दिनों के दौरान आपकी मनचाही सभी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। गणपति जी आपकी हर समस्या का समाधान निकालने के लिये आपके साथ ही मौजूद होंगे। इसके साथ ही इस दिन कलंक चतुर्थी मनाई जाती हैं। 

इस कारण लगता है कलंक

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को कलंक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों में आज के दिन चंद्र दर्शन निषेध बताया गया है। दरअसल चंद्रमा ने अहंकार के चलते  गणेशजी का अपमान किया था जिससे क्रोधित होकर गणेशजी ने चंद्रमा को श्राप दिया कि उनका का क्षय हो जाएगा और चंद्रमा को  इस दिन जो भी  देखेगा उसे झूठा कलंक लगेगा। इसी श्राप के कारण आज के दिन चंद्रमा का दर्शन करना कलंक लगाने वाला होता है। कहीं-कहीं इस दिन लोग चांद की ओर पत्थर उछालते हैं।  इसलिए इसे पत्थर चौथ के नाम से भी जाना जाता है। 

Ganesh Chaturthi 2020: घर पर बनाएं इको-फ्रेंडली गणपति, जानें हल्दी से बनाने का सिंपल तरीका

चांद के अशुभ फल से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार यदि दर्शन करना आवश्यक हो तो  हाथ में फल, मिठाई या दही लेकर चांद के दर्शन करना चाहिए। इससे चंद्र दर्शन का अशुभ फल नहीं मिलता है ना ही कलंक लगता है। चंद्रमा का दर्शन दही हाथ में लेकर करें तो इस मंत्र से चंद्रमा को प्रणाम करें।

दधि-शंख-तुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम् । नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम् ।।

फल मिठाई लेकर चंद्रमा के दर्शन इस मंत्र से करें-

सिहः प्रसेनमवधीत सिंहो जाम्बवता हतः। सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः ॥

अन्य खबरों के लिए करें क्लिक

Ganesh Chaturthi 2020: इस कारण हर साल मनाई जाती है गणेश चतुर्थी

Ganesh Chaturthi 2020: घर पर पहली बार कर रहे हैं गणेश जी की स्थापना तो ध्यान में रखें ये 10 बातें

इस चतुराई की वजह से भगवानों में सर्वश्रेष्ठ बने गणेश, जान लेंगे ये कथा तो नहीं पड़ेगी किसी तीर्थ में जाने की जरूरत

Ganesh Chaturthi Recipe: गणपति बप्पा को लगाएं मोतीचूर के लड्डू का भोग, जानें बनाने का आसान तरीका

Ganesh Chaturthi Recipe: बप्पा को सबसे ज्यादा पसंद है मोदक, इस आसान तरीके से बनाकर लगाएं भोग

Latest Lifestyle News

India TV पर हिंदी में ब्रेकिंग न्यूज़ Hindi News देश-विदेश की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ें और अपने आप को रखें अप-टू-डेट। Religion News in Hindi के लिए क्लिक करें लाइफस्टाइल सेक्‍शन