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Sheetala Ashtami 2022: कब है शीतलाष्टमी? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा-विधि और महत्व

 Published : Apr 22, 2022 04:44 pm IST,  Updated : Apr 22, 2022 04:44 pm IST

आइए जानते हैं शीतलाष्टमी व्रत की पूजा- विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त के बारे में। 

Sheetala Ashtami 2022- India TV Hindi
Sheetala Ashtami 2022 Image Source : INSTAGRAM/ SANGEETA__M___07

Highlights

  • इस बार शीतलाष्टमी व्रत 23 अप्रैल को पड़ रही है।
  • इस दिन मां शीतला को मीठे चावल और बासी रोटी से भोग लगाया जाता है।

हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को श्री शीतलाष्टमी मनायी जाती है। इस बार शीतलाष्टमी व्रत  23 अप्रैल को पड़ रही है। इस दिन माता शीतला की उपासना का दिन है। शीतलाष्टमी के दिन स्नान आदि के बाद विधि-पूर्वक देवी शीतला की उपासना करनी चाहिए साथ ही शीतला माता के निमित्त व्रत करने और बांसी भोजन करने की परंपरा है, साथ ही देवी मां को भी बांसी भोजन का भोग लगाने की परंपरा है।लोग सप्तमी के दिन माता शीतला के लिए मीठे चावल और बासी रोटी का भोग तैयार करते हैं और सुबह अष्टमी को यह भोग माता को अर्पित किया जाता है।  

आइए जानते हैं शीतलाष्टमी व्रत की पूजा- विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त के बारे में। 

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बासी भोजन चढ़ाना होता है शुभ

शीतला अष्टमी के दिन मां को बांसी भोजन का भोग लगाने की परंपरा है। इस दिन मां शीतला को मीठे चावल और बासी रोटी से भोग लगाया जाता है। यह भोग एक दिन पहले यानी सप्तमी के दिन शाम के समय बनाया जाता है और सुबह अष्टमी को यह भोग माता को अर्पित किया जाता है। जहां मीठे चावल गुड़, चावल से बनते हैं या फिर गन्ने के रस और चावल से बनाया जाता है।  

शीतला अष्टमी शुभ मुहूर्त

सप्तमी तिथि 23 अप्रैल सुबह 6 बजकर 28 मिनट पर समाप्त हो चुकी है। फ़िलहाल अष्टमी तिथि चल रही है। अष्टमी तिथि 23 अप्रैल पूरा दिन पार कर भोर 4 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। 

पूजा- विधि

अष्टमी के दिन सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। फिर माता शीतला की तस्वीर के सामने श्रद्धा भाव से हाथों में फूल, अक्षत और कुछ दक्षिणा लेकर 'श्मम गेहे शीतलारोगजनितोपद्रव प्रशमन पूर्वकायुरारोग्यैश्वर्याभिवृद्धिये शीतलाष्टमी व्रतं करिष्येश्' मंत्र को बोलते हुए संकल्प लें। अगर आप इस मंत्र का जाप न कर पाएं तो ऐसे ही मां शीतला का स्मरण करके हुए संकल्प ले लें। 

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