Swapna Shastra: सोते हुए सपने देखना सामान्य है। हम अक्सर अपने सपनों में एक अलग दुनिया में पहुंच जाते हैं।सुबह उठकर उन सपनों पर हँसते हैं और कर कभी कभी सोच में पड़ जाते हैं।सपनों में व्यक्ति एक ऐसी दुनिया में पहुंच जाता है जहां वह अपने जीवन की सभी चिंताओं और तनाव से मुक्त रहता है।हम सभी को अलग-अलग तरह के सपने दिखाई देते हैं। कई बार हम सपनों में बहुत दुखी हो जाते हैं और कई बार हम बहुत खुश हो जाते हैं।इसके अलावा हम सपने में कई बार खुद के पास बहुत सारा धन या कोई खजाना भी देखते हैं।सपने में जो भी देखा जाता है वह ज़्यादातर भविष्य में होने वाली घटनाओं से जुड़ा होता है।तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि सपनों में धन का मिलना कितना शुभ है और कितना अशुभ।
सपने में कहीं से गड़ा हुआ धन मिलना
स्वप्न शास्त्र के अनुसार यदि किसी को सपने में गड़ा हुआ धन दिखाई देता है तो इसका अर्थ है कि आपको अचानक ही कहीं से धन मिलने की संभावना है।स्वप्न शास्त्र के अनुसार उसका सपना देखने वाले व्यक्ति को अज्ञात क्षेत्रों से धन की प्राप्ति हो सकती है।
स्वप्न शास्त्र में बताया गया है कि यदि कोई व्यक्ति सपने में कहीं से पैसे मिलते हुए देखता है या फिर कोई और आपको पैसे देते हुए दिखाई देता है तो यह एक शुभ संकेत माना गया है।ऐसा सपना देखने वाले व्यक्ति को अचानक से धन दौलत में फायदा हो सकता होने का संभावना है।इसके अलावा भविष्य में आप की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना भी होती है।
यदि कोई व्यक्ति किसी भी तरह से पैसों की बचत करते हुए दिखाई देता है, तो इसे एक शुभ सपना माना जाता है।स्वप्न शास्त्र के अनुसार ऐसा सपना देखने वाले व्यक्ति को आगे आने वाले भविष्य में धन लाभ होने की संभावनाएं होती हैं।
यदि कोई व्यक्ति सपने में बहुत सारे सिक्के या फिर सिक्कों को खनकते हुए देखता है, तो यह उसके लिए अच्छा नहीं माना जाता।हो सकता है कि आने वाले भविष्य में उस व्यक्ति को आर्थिक संकटों से जूझना पड़े।
स्वप्न शास्त्र के अनुसार अगर आप सपने में किसी एक पैसा चुरा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आपके ऊपर संकट आने वाला है।इसलिए आप अभी से अपने पैसों की बचत करना शुरू कर दें।
सपने में यदि कोई व्यक्ति अपना पैसा गुम होते हुए देखता है या फिर कटे-फटे नोट दिखाई देते हैं तो यह एक अशुभ संकेत माना जाता है।इस सपने का मतलब है कि हो सकता है कि आपको धन हानि हो।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इंडिया टीवी इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है। इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है।)
संपादक की पसंद