ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित तिघरा के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग ले रहे राजस्थान पुलिस के 36 रंगरूटों को बीच में ही वापस उनके राज्य भेज दिया गया है। इन ट्रेनियों पर आरोप है कि उन्होंने ट्रेनिंग सेंटर में मिलने वाले खाने को खराब दिखाने के लिए AI से बनाई गई फर्जी तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलाईं। इन तस्वीरों में खाने को बासी और खराब दिखाया गया था। मध्य प्रदेश पुलिस में ट्रेनिंग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह ने बताया कि जांच में पता चला कि ये रंगरूट ट्रेनिंग सेंटर को बदनाम करने का अभियान चला रहे थे।
ADG ने कहा कि रंगरूटों ने AI से डॉक्टर्ड तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की थीं। उन्होंने कहा कि ये जवान ज्यादातर राजस्थान पुलिस की टेलीकॉम विंग से थे और उन्होंने 'दुष्टतापूर्ण और गंभीर अनुशासनहीनता' वाले कदम उठाए, जिससे ट्रेनिंग सेंटर को परेशानी हुई। इन 36 जवानों को 9 महीने के कांस्टेबल ट्रेनिंग कोर्स के लिए भेजा गया था। जांच के बाद उन्हें गुरुवार को राजस्थान पुलिस के इंस्पेक्टर सतवीर यादव के हवाले कर दिया गया, जिन्होंने उन्हें राजस्थान वापस ले गए। अधिकारियों के मुताबिक, राजस्थान पुलिस ने 1005 रंगरूटों को मध्य प्रदेश के इस ट्रेनिंग सेंटर में भेजने का अनुरोध किया था, और अब इनमें से 36 को वापस भेज दिया गया है।
सूत्रों ने बताया कि राजस्थान पुलिस ने एक हजार से ज्यादा रंगरूटों के लिए खाना बनाने में मदद के लिए सिर्फ 2 कुक भेजे थे और किसी अधिकारी को स्थायी रूप से निगरानी के लिए नहीं लगाया था। ट्रेनी जवानों की मांग थी कि उन्हें पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन जैसे गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी और भट्टी की रोटियां मिलें, जबकि सेंटर में मशीन से बने खाने की व्यवस्था थी। इसी असंतोष के चलते उन्होंने AI टूल्स का इस्तेमाल कर फर्जी तस्वीरें बनाकर सेंटर की छवि खराब करने की कोशिश की थी। अब इन सभी 36 रंगरूटों को उनके गृह राज्य वापस भेज दिया है।
संपादक की पसंद