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MP में खाद की समस्या: चंबल में कालाबाजारी के आरोप, विंध्य में किसानों पर लाठीचार्ज, BJP सांसद ने ही उठाए सवाल

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Sep 04, 2025 05:58 pm IST,  Updated : Sep 04, 2025 05:58 pm IST

मध्य प्रदेश में चंबल से लेकर विंध्य तक खाद की समस्या बनी हुई है। छोटे किसानों का आरोप है कि खाद की कालाबाजारी की जा रही है और सिर्फ बड़े किसानों को आसानी से खाद मिल रही है।

Fertilizers crisis- India TV Hindi
खाद के इंतजार में महिला किसान Image Source : REPORTERS INPUT

मध्य प्रदेश में खाद की कमी अहम मुद्दा बना हुआ है। चंबल से लेकर विंध्य तक किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ रहा है। चंबल के छोटे किसानों का आरोप है कि खाद की कालाबाजारी के चलते उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। वहीं, रीवा में खाद के लिए इंतजार कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। सतना में बीजेपी सांसद गणेश सिंह ने ही खाद वितरण की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, भिंड में किसान खाद के लिए आपस में ही भिड़ गए।

प्रशासनिक अधिकारियों और सत्ताधारी दल के नेताओं का कहना है कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस का आरोप है कि पूरे प्रदेश में खाद को लेकर त्राहिमाम मचा हुआ है किसानों की खाद को ब्लैक में बेचा जा रहा है। इस बीच खाद वितरण केंद्र पर किसानों की लंबी कतारें हकीकत बयां कर रही हैं।

ग्वालियर में भटक रहीं महिलाएं

ग्वालियर चंबल अंचल में खाद वितरण केंद्रों पर किसानों की लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही हैं। महिलाएं भी खाद के लिए कतारों में लगी हुई हैं। भितरवार में महिलाएं खाद के लिए सुबह से ही कतारों में लग रही हैं। पुतलीघर व लक्ष्मीगंज स्थित खाद वितरण केंद्रों पर किसान खाद के लिए मारामारी करता हुआ दिखाई दे रहा है। जिले के डबरा में भी यही हालात है। किसानों का आरोप है कि वह पिछले एक सप्ताह से खाद वितरण केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार मायूसी ही हाथ लग रही है। किसानों का आरोप है कि केंद्रों से रसूख वालों को तो खाद दी जा रही है, लेकिन छोटे किसानों की खाद की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी की जा रही है। इसलिए किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है। उन्हें टोकन थमा कर चलता कर दिया जा रहा है।

ग्वालियर के हाल

  • ग्वालियर जिले में तकरीबन 1 लाख 29 हजार 565 किसान रजिस्टर्ड हैं।
  • किसानों को लगभग 15000 मेट्रिक टन DAP, 43000 मेट्रिक टन यूरिया और 10000 मेट्रिक टन NPK की आवश्यकता है।
  • फिलहाल ग्वालियर जिले में 14840 मेट्रिक टन यूरिया, 8794 मेट्रिक टन DAP, 371 मेट्रिक टन MOP, 6945 मेट्रिक टन NPK उपलब्ध है।

ग्वालियर कलेक्टर का बयान

ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने भी रिव्यू किया है और लगभग पूरे खरीब सीजन में हम लोगों को जिस जिस प्रोपोर्सन में खाद मिलने जा रहा है, उसको नियमित रूप से सोसाइटी और डबल लॉक के जरिए बांट रहे हैं। इसमें अलग-अलग व्यवस्था की गई है। पहली व्यवस्था जहां पर हम डबल लॉक से यानी की मंडी से डिस्ट्रीब्यूशन कर रहे हैं। वहां पर आईडी के जरिए किसान टोकन ने रहे हैं। हम किसानों को पहले बताने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें खाद कब मिलेगी, ताकि उन्हें बेवजह केंद्र पर न आना पड़े और उन्हें पता रहे कि खाद कब मिलेगी। जल्द ही हमें एक-दो दिन में खाद की और नई रैक मिलने वाली है।

बीजेपी का दावा

बीजेपी का दावा है कि कांग्रेस फिजूल में खाद की किल्लत का मुद्दा बना रही है, जबकि किसानों के लिए खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। लगातार खाद की रैक आ रही हैं। वितरण व्यवस्था में जरूर कुछ खामी हो सकती है, जिसे प्रदेश के कृषि मंत्री जिला प्रशासन से मिलकर जल्द दुरुस्त कर रहे हैं। रही बात किसानों के कतारों में लगने की तो वह स्थिति जिले में एक-दो जगह की है। वहां भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है। किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। प्रदेश सरकार उनके साथ खड़ी है।

बीजेपी सांसद ने ही उठाए सवाल

सतना से भाजपा सांसद गणेश सिंह ने खाद वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए है। उन्होंने एक पत्र जारी कर किसानों की परेशानियों को उजागर किया है। सांसद ने कहा कि किसानों को खाद के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। सांसद ने पत्र में लिखा है कि जिला और प्रदेश के अधिकारियों को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए। खाद वितरण में पारदर्शिता की कमी है। किसान निजी क्षेत्रों में ऊंचे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर है। छोटे किसान जिनके पास कम जमीन है, वे खाद के लिए भटक रहे हैं।

रीवा में किसानों पर पुलिस का लाठीचार्ज

रीवा जिले में खाद की किल्लत को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। करहिया मंडी में शुक्रवार देर रात किसानों और प्रशासन के बीच जमकर तनाव पैदा हो गया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कई किसान घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब किसानों ने खाद वितरण में टोकन धांधली का आरोप लगाया। किसानों का आरोप है कि रातभर भूखे-प्यासे लाइन में खड़े रहने के बावजूद उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है, जबकि प्रशासन लगातार खाद उपलब्ध होने का दावा कर रहा है। नारेबाजी कर रहे किसानों की भीड़ जब उग्र हुई तो पुलिस ने लाठियां भांज दीं। इस दौरान मौके पर कोई राजस्व अधिकारी मौजूद नहीं था, जिससे किसानों का गुस्सा और बढ़ गया।

पन्ना में किसानों ने सड़क जाम किया

पन्ना जिले के देवेंद्रनगर में खाद की कमी और टोकन न देने के कारण किसानों और महिलाओं ने सलेहा सड़क जाम कर दी और जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश देकर घंटे भर में जाम खुलवाया। किसानों का आरोप है कि खाद किसानों को नहीं मिल रही है। नेताओं को और बाजार में ब्लैक की जा रही है। इस दौरान लाइन में एक महिला दुधमुंहे बच्चे को गोद में लिए दिखाई दी। महिला ने बताया कि वह खाद लेने आई थी। टोकन मिल गया है, लेकिन अभी खाद नहीं मिली है।

भिंड में किसान आपस में भिड़े

भिंड जिले में खाद को लेकर बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच विवाद हो गया था। यह मामला शांत होने से पहले खाद के लिए लाइन में लगे किसान आपस में भिड़ गए। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पुरानी गल्ला मंडी खाद वितरण केंद्र के बाहर लाइन में लगे कुछ किसान एक दूसरे से भिड़ गए। मौके पर पहुंचे नवनियुक्त कांग्रेस शहर अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया पिंकी ने किसानों के बीच पहुंचकर लड़ाई को शांत कराया। साथ ही उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारी को बुलाकर लाइनों की संख्या बढ़वाई। अभी खरीफ की फसल के लिए खाद लेने बड़ी संख्या में महिला पुरुष किसान लाइनों में लगे हुए हैं।

(इनपुट- भूपेन्द्र भदौरिया, अमित त्रिपाठी, परानिधेश भारद्वाज, अशोक मिश्रा, अमित सिंह)

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