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MP में IT ने 8 हजार की नौकरी करने वाले शख्स को भेजा 46 करोड़ रुपये का नोटिस, डर के मारे छोड़ दी नौकरी

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Sep 09, 2025 06:50 pm IST,  Updated : Sep 09, 2025 06:54 pm IST

भिंड के कुक रविंद्र सिंह को 46 करोड़ का नोटिस मिला है। ये नोटिस इनकम टैक्स विभाग की तरफ से दिया गया है। पीड़ित का दावा है कि वह 8 से 10 हजार महीने कमाता है। उसके साथ फर्जीवाड़ा हुआ है।

पीड़ित कुक रविंद्र सिंह- India TV Hindi
पीड़ित कुक रविंद्र सिंह Image Source : REPORTER INPUT

ग्वालियरः आयकर विभाग (इनकम टैक्स) ने ढाबा पर खाना बनाने वाले कुक को 46 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा है। नोटिस मिलने के बाद कुक की हालत खराब है। नोटिस मिलने के बाद पीड़ित पुणे से नौकरी छोड़कर वापस घर आ गया है। शख्स का कहना है कि वह 8-10 हजार रुपये कमाता है। लेकिन उसके साथ पीएफ अकाउंट खुलवाने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर लिया है। जब उसकी फरियाद किसी ने नहीं सुनी तो उसने हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में न्याय गुहार लगाई है। 

वकील से करवाया जांच, सामने आया फर्जीवाड़ा

पीड़ित रविंद्र सिंह चौहान का कहना है कि वह एक निजी होटल में खाना बनाता है। रविंद्र भिंड के रहने वाले हैं। इनके अकाउंट से 46 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। रवींद्र ने कहा कि मैं ढाबे पर हेल्पर का काम करता हूं। मेरे अकाउंट में साल के तीन लाख रुपये का भी लेन-देन नहीं हुआ। ऐसे में करोड़ों रुपये का नोटिस कैसे आ गया। वकील की मदद से एक महीने से ज्यादा समय तक पड़ताल की। पड़ताल में पता चला कि 7 साल पहले एक टोल कंपनी में काम के दौरान वहां के सुपरवाइजर ने दिल्ली में एक अकाउंट खुलवाया था। इसी से पूरा फर्जीवाड़ा हुआ है। उसने खाता बंद करवाने की बात भी कही लेकिन कोई और उसका उपयोग करता रहा। पीड़ित ने इसकी शिकायत थाने में भी की है।

 9 अप्रैल 2025 को पहली बार आया नोटिस

दरअसल रोजी-रोटी की तलाश में पुणे पहुंचा रविंद्र सिंह चौहान एक कंपनी में काम करने लगा। 9 अप्रैल 2025 को घर पर एक कागज आया, जो अंग्रेजी में था। घर पर पत्नी और बच्चे थे। न मैं ज्यादा पढ़ा-लिखा हूं न पत्नी। हमारे समझ में तो कुछ आया नहीं। इसलिए हम बात को भूल गए। 25 जुलाई को फिर से उसी प्रकार का कागज आया। परिवार ने फोन पर इसकी जानकारी दी। मुझे लगा, आखिर यह क्या है और बार-बार क्यों आ रहा है। एक बार घर जाकर पता करता हूं। मैं पुणे से वापस घर लौट आया।

रविंद्र ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसलिए 6 वीं के बाद पढ़ाई से दूर होना पड़ा। पहले छोटे-मोटे काम कर लिया करता था। खाना बनाने का शौक था, इसलिए वही काम करने लगा।  

रिपोर्ट- भूपेन्द्र भदौरिया, ग्वालियर 

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