भोपाल: मध्यप्रदेश के खंडवा ने जल संचय, जन भागीदारी' अभियान में शानदार प्रदर्शन किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जल शक्ति मंत्रालय के 'जल संचय, जन भागीदारी' अभियान में खंडवा (ईस्ट निमाड़) जिले को दक्षिण क्षेत्र की प्रथम श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त करने पर मंगलवार को जिले के कलेक्टर ऋषव गुप्ता और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नागार्जुन गौड़ा को सम्मानित किया। इसके साथ ही अन्य जल संरक्षण में अन्य श्रेणियों में भी विजेताओं को पुरस्कार दिए गए। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार और 'जल संचय, जन भागीदारी' पुरस्कार प्रदान किए गए।
जल सुरक्षा को मजबूत करने की कवायद
बयान के मुताबिक राष्ट्रपति ने जल संचय के क्षेत्र में जन भागीदारी के साथ श्रेष्ठ कार्य करने और देश के चयनित 50 नगर निकाय में स्थान मिलने पर गुना नगरीय निकाय को भी पुरस्कृत किया। 'जल संचय, जन भागीदारी' पहल के अंतर्गत राज्यों को पांच क्षेत्रों में बांटा गया था। इसके अंतर्गत खंडवा ने 1,29,020 से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण और पंजीकरण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया था। अधिकारियों ने बताया कि जल संरक्षण के इन प्रयासों से न केवल भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, बल्कि वर्षा के जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कर भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा को मजबूत किया गया है।
खंडवा को 2 करोड़ की प्रोत्साहन राशि
'जल संचय, जन भागीदारी' पहल की शुरुआत छह सितंबर 2024 को सूरत में की गई थी। इसके तहत जिसमें प्रत्येक जिले को न्यूनतम 10,000 संरचनाओं का लक्ष्य दिया गया था। खंडवा ने इस लक्ष्य को बड़े अंतर से पार कर लिया और लगभग 1.3 लाख संरचनाओं को पूरा किया, जो देश भर में सबसे अधिक है। इस शानदार प्रदर्शन के लिए भारत सरकार ने खंडवा को 2 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी है।
एक अधिकारी ने बताया कि इस राशि का उपयोग भविष्य में जल संरक्षण और जिला विकास परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। गुना नगर पालिका परिषद ने जल संचय के लिये कार्ययोजना बनाकर नगरीय क्षेत्र में 2 हजार 231 रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जिया टैग फोटो पोर्टल पर अपलोड किये थे, जो कि तय लक्ष्य से अधिक था। इसी के साथ गुना में शहरी क्षेत्र के कुंओं के भी जीर्णोद्वार का कार्य किया गया।