मध्य प्रदेश की आगर मालवा में बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का यही व्व विवादित बयान है, जिसने राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रम में बोलते हुए परमार ने दावा किया कि राजा राम मोहन राय अंग्रेजो के दलाल कि तरह काम करते थे।
विवादित बयान पर राजनीतिक घमासान तेज
राजा राममोहन राय भारतीय सामाजिक और धार्मिक पुनर्जागरण के सबसे बड़े स्तंभ रहे हैं। सती प्रथा का उन्मूलन, बाल विवाह के खिलाफ आवाज, पर्दा और कर्मकांड का विरोध ये सभी सुधार उन्हीं के नेतृत्व में शुरू हुए। ऐसे सुधारक पर ‘दलाल’ वाला शब्द इस्तेमाल होने से राजनीतिक घमासान तेज होना तय था।
विवाद बढ़ने पर मंत्री ने मांगी माफी
मंत्री जी बैकफुट पर आए कहा, 'कल कार्यक्रम में गलती से देश के प्रसिद्ध समाज सुधारक राजा राममोहन राय के बारे में मेरे मुंह से गलत निकल गया, उसके लिए मुझे बहुत दुख है। बहुत प्रयाश्चित करता हूं।'
कांग्रेस ने मंत्री के बयान पर बीजेपी को घेरा
मंत्री जी का बयान आने और माफी मांगने के बाद भी कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस को कटघरे में खड़ा करते हुए सोशल मीडिया के जरिए कहा, 'मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार द्वारा राजा राममोहन राय जैसे महान समाज-सुधारक को अंग्रेज़ों का दलाल कहना सिर्फ अज्ञान नहीं, बल्कि देश के महान नायकों का घोर अपमान और बौद्धिक दिवालियापन है। भाजपा–RSS की यही पुरानी साज़िश है अपने विचारधारा-सेवा करने वालों को इतिहास के केंद्र में लाना और वास्तविक राष्ट्रनिर्माताओं को बदनाम करना।'