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यूपी के मोस्ट वॉन्टेड विकास दुबे को पुलिसवाले ने मारा "थप्पड़", देखिए वीडियो

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 09, 2020 11:18 am IST,  Updated : Jul 09, 2020 11:18 am IST

जब उसे पुलिस वालों ने गाड़ी में बैठाया तब भी वह पुलिस कर्मियों के सामने अकड़ कर यही दोहरा रहा था, मैं विकास दुबे हूं।

Vikas Dubey- India TV Hindi
Vikas Dubey Image Source : ANI

यूपी के जिस मोस्ट वॉन्टेड विकास दुबे ने 150 घंटे पहले 8 पुलिस कर्मियों की निर्मम हत्या कर दी थी। आज जब उसे उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया तो वह चिल्ला रहा था, मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला। इस बीच जब उसे पुलिस वालों ने गाड़ी में बैठाया तब भी वह पुलिस कर्मियों के सामने अकड़ कर यही दोहरा रहा था, मैं विकास दुबे हूं। इस बीच एक पुलिस कर्मी ने विकास को झन्नाटेदार थप्पड़ मार दिया। 

महाकाल मंदिर में पहुंचकर विकास दुबे खुद चिल्‍ला-चिल्‍ला कर बताने लगा कि मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला, ताकि पुलिस बाद में उसे मार न सके। मध्‍य प्रदेश में विकास दुबे का साला रहता है। ऐसे में पहले से ही यह आशंका जताई जा रही थी कि  विकास मध्‍य प्रदेश में आ सकता है। इंडिया टीवी ने यह खबर पहले ही दी थी, जिस पर आज मोहर लग गई।

विकास के इस प्रकार उज्जैन जाकर भीड़ भाड़ में खुद को विकास दुबे बताने से साफ पता चलता है कि यूपी पुलिस के ताबड़तोड़ एन्काउंटर के बाद उसे भी अपने मारे जाने का डर सता रहा था। विकास दुबे भीड़ के बीच में खुद को सुरक्षित मान रहा था। बता दें कि उसके तीन साथियों को पुलिस ने पिछले 24 घंटों में हमीरपुर, कानपुर और इटावा में ढेर कर दिया है।

24 घंटे में 3 एन्काउंटर 

पिछले 24 घंटों में यूपी पुलिस हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikas Dubey) के तीन साथियों को ढेर कर चुकी है। बुधवार को यूपी पुलिस ने हमीरपुर में विकास के राइट हैंड अमर दुबे को ढेर किया था। वहीं आज देर रात इटावा में एक अन्य करीबी बउआ मिश्रा मारा गया है। साथ ही कल फरीदाबाद से गिरफ्तार किए गए प्रभात मिश्रा भी कानपुर के रास्ते पुलिस हिरासत से भागते हुए मारा गया। 

अपराध से है पुराना नाता 

विकास दुबे का अपराध जगत से गहरा नाता रहा है। राजनीति संरक्षण के कारण उसका अपराध फलता-फूलता रहा। अपने संरक्षण के लिए राजनीति का भी उसने चोला ओढ़ रखा था। इसके खिलाफ 60 अपराधिक मुकदमें दर्ज है। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे वर्ष 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। वर्ष 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्घेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास का नाम आया था। कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही वर्ष 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास पर जेल के भीतर रहकर साजिश रचने का आरोप है। 2004 में केबल व्यवसायी दिनेश दुबे हत्या मामले में भी विकास पर आरोप है। वहीं 2018 में अपने ही चचेरे भाई अनुराग पर विकास दुबे ने जानलेवा हमला करवाया था। इस दौरान भी विकास जेल में बंद था और वहीं से सारी साजिश रची थी। इस मामले में अनुराग की पत्नी ने विकास समेत चार लोगों को नामजद किया था।

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