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महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी के घर पड़ा छापा, 11 करोड़ रुपयों की मिली संपत्ति

 Written By: India TV MP Bureau Desk
 Published : Jun 11, 2026 02:30 pm IST,  Updated : Jun 11, 2026 02:30 pm IST

मध्य प्रदेश के शहर इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसर के घर छापा मारा था। इस छापेमारी में लोकायुक्त पुलिस को 11 करोड़ रुपयों से ज्यादा की संपत्ति मिली है।

Lokayukt Police- India TV Hindi
लोकायुक्त पुलिस Image Source : IMAGE SOURCE-REPORTER

इंदौर।  मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग के एक अफसर के घर पर लोकायुक्त का छापा पड़ा है। अधिकारी के घर से लोकायुक्त की टीम को 11 करोड़ की संपत्ति मिली है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान अफसर ने पत्नी की सिलाई-बुनाई को भी अपने परिवार की आय का स्रोत बताया है। लोकायुक्त पुलिस के कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास ने बताया कि महिला व बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल (61) के खिलाफ शिकायत मिली थी कि उन्होंने कथित भ्रष्टाचार के जरिये आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।

करोड़ों रुपयों की संपत्ति मिली

 उन्होंने बताया कि शिकायत की जांच के बाद एक बहुमंजिला मकान, एक जिम, एक डिपार्टमेंटल स्टोर और अन्य ठिकानों पर बुधवार को छापे मारे गए। मिठास ने बताया कि कंडवाल की कुल ज्ञात आय लगभग 2. 80 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें 30 वर्ष की सेवा अवधि के दौरान प्राप्त 2. 50 करोड़ रुपये का सरकारी वेतन और 30 लाख रुपये की कृषि आय शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जांच में अब तक कंडवाल और उनके परिजनों की कुल 10.83 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों का पता चला है। इसमें जमीन खरीदने और भवन निर्माण पर 9.76 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी मिली है। मिठास ने बताया कि कंडवाल के घर में मिले सामान का मूल्य 38.49 लाख रुपये आंका गया है। बैंक लॉकर से मिले सोने-चांदी के आभूषणों का मूल्य 24.76 लाख रुपये पाया गया है। उन्होंने बताया कि डिपार्टमेंटल स्टोर में रखे सामान का मूल्य 35.73 लाख रुपये है, जबकि जिम में लगे बिजली उपकरणों और अन्य सामग्री की कीमत 2.71 लाख रुपये आंकी गई है। मिठास ने बताया कि कंडवाल के घर से भी आभूषण मिले हैं जिनका मूल्य 4.89 लाख रुपये है। उन्होंने कहा, 'कंडवाल की 2.80 करोड़ रुपये की वैध आय के मुकाबले उनके और उनके परिजनों द्वारा करीब 11 करोड़ रुपये का व्यय सामने आया है। यह सरकारी अफसर की आय का लगभग चार गुना है।'

बैंक खातों से लेनदेन पर लगी रोक

पुलिस अधिकारी ने बताया कि छापेमारी के दौरान पूछताछ में कंडवाल ने अपनी गृहिणी पत्नी की सिलाई-बुनाई को भी परिवार की आय का स्रोत बताया। उन्होंने कहा, 'इस बात की पुष्टि के लिए कंडवाल की पत्नी के दाखिल आयकर रिटर्न की जांच की जाएगी।' मिठास ने यह भी बताया कि डिपार्टमेंटल स्टोर सरकारी अधिकारी के दोनों बेटों द्वारा संचालित किया जाता है, जबकि जिम संचालक से उन्हें करीब 1.25 लाख रुपये प्रतिमाह किराया मिलता है। उन्होंने बताया कि कंडवाल और उनके परिजनों के बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगा दी गई है और बैंकों से विवरण प्राप्त होने के बाद उनकी संपत्तियों का विस्तृत आकलन किया जाएगा। पुलिस अधिकारी के अनुसार 61 वर्षीय कंडवाल की सेवानिवृत्ति में करीब छह महीने का समय शेष है। उन्होंने बताया कि महिला व बाल विकास विभाग के अफसर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया है और विस्तृत जांच जारी है।

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