भोपालः भोपाल में अपने ससुराल में मृत पाई गईं ट्विशा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कई खुलासे किए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा शर्मा का मौत का कारण किसी बंधन या लिगेचर से लटकना है। यानी ट्विशा की मौत फांसी से लटकने के कारण हुई है। शरीर के अन्य हिस्सों पर मृत्यु से पहले की कई चोटें (जो साधारण प्रकृति की हैं) देखी गई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि ट्विशा के गले पर फांसी के दो अलग-अलग निशान थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, ट्विशा शर्मा के बाएं हाथ के बाहरी हिस्से पर नीले रंग के चोट के निशान थे। बाईं कलाई के जोड़ पर लाल रंग की चोट के निशान थे। दाहिनी अनामिका उंगली पर भी चोट के निशान थे।
विसरा को रखा गया सुरक्षित
पुलिस ने बताया कि NaF की शीशी में रक्त और सामान्य नमक के संतृप्त घोल में ओमेंटल वसा (omental fat) के साथ विसरा (viscera) को सुरक्षित, सील करके संबंधित पुलिस कांस्टेबल (P.C.) को सौंप दिया गया है। साथ ही सील का नमूना और परिरक्षक (preservative) का नमूना भी दिया गया है। सेलोफेन टेप को सुरक्षित, सील करके संबंधित पुलिस कांस्टेबल (P.C.) को सौंप दिया गया है। साथ ही सील का नमूना भी दिया गया है, ताकि FSL में आगे के विश्लेषण द्वारा इसकी मिलान उस बंधन सामग्री (ligature material) से की जा सके जिससे फांसी लगाई गई थी।
जांच के लिए आगे भेजी गई ये चीजें
पुलिस ने यह भी कहा कि कपड़ों की जांच की गई है, उन्हें सुरक्षित और सील करके संबंधित पुलिस कांस्टेबल (P.C.) को सौंप दिया गया है। नाखूनों के टुकड़े (nail clippings) एकत्र किए गए हैं, उन्हें सील करके संबंधित पुलिस कांस्टेबल (P.C.) को सौंप दिया गया है, ताकि FSL में उनका DNA विश्लेषण किया जा सके। फांसी लगाने वाली सामग्री (ligature material) न तो घटनास्थल पर मौजूद थी और न ही जांच के लिए संबंधित जांच अधिकारी (IO) द्वारा हमें सौंपी गई थी। संबंधित जांच अधिकारी (IO) के अनुरोध पर पूरी शव परीक्षण प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और इसका प्रबंध भी संबंधित जांच अधिकारी (IO) द्वारा ही किया गया। ऐसी जानकारी मिली है कि एक सप्ताह पहले गर्भपात (MTP) करवाया गया था। इसलिए, गर्भाशय को सुरक्षित करके AIIMS, भोपाल में हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए भेज दिया गया है।