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सुप्रीम फैसले पर बोले सीएम शिंदे और देवेंद्र फडणवीस- कोर्ट ने हमारी सरकार पर मोहर लगाई

 Reported By: Atul Singh Edited By: Swayam Prakash
 Published : May 11, 2023 02:12 pm IST,  Updated : May 11, 2023 02:50 pm IST

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस- India TV Hindi
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस Image Source : FILE PHOTO

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि पिछले साल 30 जून को महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बुलाना सही नहीं था। हालांकि न्यायालय ने पूर्व की स्थिति बहाल करने से इनकार करते हुए कहा कि ठाकरे ने शक्ति परीक्षण से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। कोर्ट के इस फैसले को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी है। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत है। हम सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले से संतुष्ट हैं। वहीं सीएम शिंदे ने कहा कि कोर्ट ने हमारी सरकार पर मोहर लगाई है।

"महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार पूरी तरह संवैधानिक"

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जो लोग सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर अटकले लगाते हुए कहते थे कि हमारी सरकार जाएगी आज उन्हें जवाब मिल गया है। उन्होंने कहा कि अघाड़ी के मंसूबों पर पानी फिर गया। उद्धव ठाकरे दोबारा सीएम नहीं बन पाए। धनुष-बाण चुनाव चिन्ह भी शिंदे के पास ही रहेगा। उन्होंने कहा कि महा विकास अघाड़ी की साजिश नाकाम हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार पूरी तरह संवैधानिक है।

"अयोग्यता का पूरा अधिकार स्पीकर का है"
फडणवीस ने कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट से जो जजमेंट आया उसमें न्याय की जीत हुई है। कई बातें इस कोर्ट आर्डर में सामने आई हैं। सबसे पहले MVA सरकार के पुनर्स्थापित होने के चांस खत्म हो गए। उद्धव ठाकरे दोबारा सीएम नहीं बन सकते। कोर्ट ने 16 विधायकों के अयोग्य करने का पूरा अधिकार स्पीकर पर छोड़ दिया है। इस पर फैसले का पूरा अधिकार स्पीकर का है। देवेंद्र फणनवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने जो शिंदे सरकार की पूरी सरकार पर सवाल खड़े किए, उसे सुप्रीम कोर्ट ने गलत करार दिया।

"तब नैतिकता को कौनसे डब्बे में डाला था?"
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीकर को यह अधिकार दिया गया है कि 10वीं अनुसूचि को ध्यान में रखते हुए यह तय करेंगे कि राजनीतिक पार्टी कौनसी है और फिर सदस्यता निरस्त किए जाने पर फैसला होगा। नैतिकता की बात करना उद्धव ठाकरे को शोभा नहीं देता। मैं उनसे पूछता हूं कि भाजपा के साथ चुनकर आए और मुख्यमंत्री बनने के लिए कांग्रेस और NCP के साथ जब गए तब नैतिकता को कौनसे डब्बे में डाला था? उन्होने डर के कारण इस्तीफा दिया था।

शिंदे बोले- कोर्ट ने भी वही कहा जो हम कहते रहे 
वहीं इस दौरान महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट को निर्णय के लिए मैं कोर्ट और आप सभी को बधाई देता हूं। मैं पहले से ही बोल रहा था कि इस देश मे संविधान और कानून है और सरकार को कोई धोखा नहीं। 
आज कोर्ट ने हमारी बात पर मोहर लगा दिया है। आज सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हम स्वागत करते है। हमारी भूमिका थी कि अयोग्यता का निर्णय स्पीकर के पास है और आज कोर्ट ने भी वही बोला। 

"कोर्ट ने हमारी सरकार पर मोहर लगाई"
सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि चुनाव आयोग ने हमें पार्टी नाम और चुनाव चिन्ह दिया। हमने जो बहुमत का निर्णय लिया उसके 4-5 महीने बाद चुनाव आयोग ने मेरिट के आधार पर हमें पार्टी का नाम दिया। हमने जो सरकार बनाई वो पूरे नियम के तहत बनाई। नैतिकता की बात जो कर रहे उसपर फडणवीस ने जवाब दिया। हमनें बालासाहेब और जनता के मत के हिसाब से सरकार बनाई। महाराष्ट्र को आगे ले जाने धनुष-बाण को बचाने का काम हमने किया है। विधायकों की अयोग्यता के मामले को स्पीकर देखेंगे। कोर्ट का निर्णय मेरिट के आधार पर लिया गया है। कोर्ट ने हमारी सरकार पर मोहर लगाई है।

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