मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में शिवसेना शिंदे गुट की नेता शाइना एनसी पर अरविंद सावंत के बयान को लेकर घमासान मचा है। अब शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने विवाद को और हवा देते हुए अरविंद सावंत के बयान का समर्थन किया है। राउत ने एक बयान में कहा है कि शाइना एनसी अगर बाहर से आई हैं, तो वही अरविंद सावंत ने कहा कि बाहर से आईं हैं तो इम्पोर्टेड माल हुईं। वहीं, शाइना एनसी को लेकर अरविंद सावंत की टिप्पणी पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बाला साहेब ठाकरे अभी होते तो सच में मुंह तोड़ देते, इनकी फितरत ही ऐसी है। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद सावंत ने अपने बयान पर खेद जताया।
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सावंत के खिलाफ दर्ज हुई FIR
शिवसेना उद्धव गुट के सांसद अरविंद सावंत के खिलाफ मुंबई में FIR दर्ज हो गई है। अरविंद सावंत ने शाइना एनसी पर बोलते हुए उन्हें ‘इम्पोर्टेड माल’ कहा था जिसके खिलाफ अब शिवसेना शिंदे गुट एक्शन में है। शाइना एनसी ने नागपाड़ा पुलिस स्टेशन में अलग-अलग धाराओं के केस दर्ज कराया है। महायुति ने अरविंद सावंत के बयान पर जोरदार हमला किया है। शिवसेना शिंदे गुट के कार्यकर्ता और नेता नागपाड़ा पुलिस स्टेशन पहुंचे और FIR दर्ज कराई। शिवसेना शिंदे गुट का कहना है कि अरविंद सावंत को हर हाल में माफी मांगनी होगी और 20 नवंबर को महाराष्ट्र की जनता इस अपमान का बदला लेगी।
क्या कहा था अरविंद सावंत ने?
शिवसेना उद्धव गुट के सांसद अरविंद सावंत ने शुक्रवार शिंदे गुट की उम्मीदवार शाइना एनसी को लेकर एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था, ‘उनकी हालत देखो न भैया। जिंदगी भर वो भाजपा में रहीं, अब कहीं नहीं कोई तो दूसरी पार्टी में गईं। और ये इम्पोर्टेड नहीं चलता यहां। इम्पोर्टेड माल नहीं चलता हमारे यहां। हमारे यहां ओरिजिनल माल चलता है। ओरिजिनल माल है हमारा।’ सावंत के बयान पर बरसते हुए शाइना एनसी ने कहा कि किसी भी हाल में अरविंद सावंत को माफी मांगनी पड़ेगी। वहीं, अरविंद सावंत ने भी कहा है कि उनके कैरेक्टर पर हमला किया जा रहा है और वह मानहानि का दावा करेंगे।
सावंत ने बयान पर खेद जताया
विवाद बढ़ने पर अब शिवसेना यूबीटी नेता अरविंद सावंत ने शाइना एनसी को लेकर दिए गए अपने बयान पर खेद जताया है। उन्होंने कहा, 'मैंने 55 साल की राजनीति में किसी भी महिला का अपमान नहीं किया है। मुझे जानबूझ कर टारगेट किया जा रहा है। फिर भी किसी को अगर दुख हुआ है तो मैं दिलगिरी( खेद) प्रकट करता हूं।'