महाराष्ट्र के अकोला से सामने आए एक चौंकाने वाले वीडियो ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में कथित तौर पर एक हाथगाड़ी संचालक नाले का पानी भरकर नाश्ता बनाने के लिए ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। इस घटना ने यात्रियों और स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा खड़ा कर दिया है। वीडियो मुख्य बस स्थानक चौक का है।
लोगों के स्वास्थ्य से गंभीर खिलवाड़
बस स्टैंड परिसर में रोजाना सैकड़ों लोग नाश्ते के लिए इन हाथगाड़ियों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यदि गंदे नाले के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो यह सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जा रहा है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और लोग प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अन्न और औषधि प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल अन्न और औषधि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। नागरिकों का आरोप है कि विभाग “कुंभकरण की नींद” में सोया हुआ है, जबकि शहर में खुलेआम इस तरह की लापरवाही हो रही है। लोगों का कहना है कि जब वीडियो में स्पष्ट रूप से गंदे पानी का उपयोग नजर आ रहा है, तब भी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जो बेहद चिंताजनक है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो-
वायरल हो रहे इस वीडियो में दिख रहा है कि दो शख्स नाले का गंदा पानी बाल्टी में भर रहे हैं और फिर उसे इसी नाश्ते की दुकान पर रख देते हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “आखिर कब इन पर कार्रवाई होगी?” यह सवाल अब हर नागरिक के मन में उठ रहा है। आरोप यह भी है कि अन्न व औषधि प्रशासन की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह गई है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति शून्य नजर आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नाले के पानी से तैयार खाद्य पदार्थों का सेवन करने से फूड पॉइजनिंग, संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में यह मामला सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
क्या एक्शन लेगी अकोला महानगरपालिका?
अब निगाहें अकोला महानगरपालिका और संबंधित स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वे इस मामले में कितनी तेजी से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करते हैं। साथ ही नागरिकों ने मांग की है कि शहर में चल रही सभी हाथगाड़ियों और खाद्य विक्रेताओं की सख्ती से जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल, यह घटना प्रशासनिक लापरवाही और निगरानी की कमी को उजागर करती है। नागरिकों ने साफ कहा है- “स्वास्थ्य से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
(रिपोर्ट- गुलाम मोहसिन)
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