मुंबई: महाराष्ट्र में इस साल के अंत में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के पहले महा विकास अघाड़ी में खटपट की खबरें आने लगी हैं। सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना UBT का गठबंधन के साथी दलों से कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले कम से कम चार दीवारों के भीतर ही मुख्यमंत्री का चेहरा तय हो जाए। बताया जा रहा है कि कांग्रेस और शरद पवार की पार्टी उद्धव की इस मांग से सहमत नहीं हैं और MVA को ही आगे रखकर चुनाव लड़ने के पक्ष में हैं।
Related Stories
कांग्रेस और NCP SP ने अनसुनी की मांग
बता दें कि उद्धव ठाकरे पहले ही MVA के कार्यक्रम में कह चुके हैं कि कांग्रेस और NCP SP के पास कोई मुख्यमंत्री पद का चेहरा हो तो उसका नाम बताएं, उनकी पार्टी उसका समर्थन करेगी लेकिन कांग्रेस और पवार की तरफ से इस पर कोई रिस्पॉन्स ही नहीं आया। सूत्रों का कहना है कि उद्धव ठाकरे की कोशिश है कि आपस में ही बात करके कम से कम मुख्यमंत्री पद का चेहरा एक बार तय हो जाए, लेकिन अभी तक MVA के दूसरे घटक दलों ने इस बारे में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
क्यों CM फेस घोषित करवाना चाहते हैं उद्धव?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उद्धव ठाकरे का मानना है कि मुख्यमंत्री पद का चेहरा चुनाव से पहले घोषित किया गया तो महा विकास अघाड़ी में एक दूसरे के उम्मीदवार गिराने का काम नहीं होगा। उनका मानना है कि ऐसा करने से चुनावों में MVA को फायदा ही होगा। साथ ही उद्धव यह भी चाहते हैं कि जिसके ज्यादा विधायक चुनकर आयेंगे उनका सीएम बने, यह फार्मूला न तय हो। वहीं, कांग्रेस और NCP SP उद्धव ठाकरे के मांग पर बार-बार कह रही है कि चुनाव के बाद ही मुख्यमंत्री तय किया जाएगा और चुनाव में MVA ही मुख्यमंत्री पद का चेहरा होगा।