महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लोकल ट्रेन यात्रा के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक यात्री ने रेलवे को चकमा देने के लिए नकली टिकट तैयार किया, लेकिन रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और चतुराई से उसकी चाल नाकाम हो गई। आरोपी को रंगेहाथ पकड़ लिया गया और अब उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद हर कोई हैरानी में है। आइए जानते हैं पूरे मामले के बारे में
यह घटना 11 नवंबर की शाम की है। उस समय साईप्रसाद सावंत वसई रोड एसी लोकल स्क्वॉड में ड्यूटी पर तैनात थे। उनकी टीम में निरीक्षक संदीप सैनी, बिरपाल, अण्णाराम कडवाना, संदीप रोकडे, अरविंद कुमार और बलजीत सोडा शामिल थे। शाम करीब 7:16 बजे बोरीवली स्टेशन से रवाना होने वाली एसी विरार स्लो लोकल ट्रेन में टिकट जांच अभियान शुरू किया गया। ट्रेन जब नायगांव स्टेशन पहुँची (लगभग 7:36 बजे), तब साईप्रसाद सावंत ने एक यात्री से टिकट दिखाने को कहा। यात्री ने आत्मविश्वास के साथ अपने मोबाइल में UTS ऐप के जरिए टिकट दिखाया। शुरुआत में सब सामान्य लगा, लेकिन सावंत की पैनी नजर ने टिकट पर दर्ज विवरण में कुछ गड़बड़ी पकड़ ली।
सावंत ने टिकट पर दिख रहे UTS नंबर (XODDDP02D) को रेलवे के CRIS HHT (2.8.5) ऐप में जांचा। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि टिकट अमान्य है और इसे नकली तरीके से तैयार किया गया है। जैसे ही मामला सामने आया, सावंत ने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। ट्रेन वसई रोड स्टेशन पहुंचते ही रेलवे कर्मियों ने RPF (रेलवे सुरक्षा बल) और GRP (सरकारी रेलवे पुलिस) की मदद से यात्री को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में आरोपी की पहचान राजेंद्र हिरु निकम (आयु 43 वर्ष, निवासी नालासोपारा पूर्व) के रूप में हुई। रेलवे पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नकली टिकट तैयार करने और रेलवे प्रशासन को धोखा देने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि उसने यह टिकट खुद बनाया या किसी गैंग के माध्यम से हासिल किया।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा मान्य टिकट के साथ यात्रा करें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि UTS ऐप के जरिए टिकट में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ गंभीर अपराध मानी जाएगी।
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