महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी हुई एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने बारामती को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है। सुप्रिया सुले ने साफ तौर पर कह दिया है कि वह परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगी। आपको बता दें कि उनके इस बयान को महाराष्ट्र की राजनीति में खासा अहम माना जा रहा है, क्योंकि बारामती सीट लंबे समय से पवार परिवार का गढ़ रही है।
अजित पवार गुट ने क्या कहा?
जब सुप्रिया सुले के ऐलान के इस मुद्दे पर राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से सवाल किया गया, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चुप्पी साध ली। वहीं, अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री अदिति तटकरे ने सुप्रिया सुले के बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सुप्रिया सुले एक वरिष्ठ नेता हैं और उनका यह रुख सकारात्मक है। उनके मुताबिक, “राजनीति अपनी जगह है और परिवार अपनी जगह। परिवार को एकजुट रहना चाहिए, राजनीति तो चलती रहेगी।”
बारामती में आमने-सामने थे अपने ही लोग
आपको बता दें कि बारामती से ही महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार विधायक थे। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने भतीजे एवं एनसीपी (शरद चंद्र पवार) उम्मीदवार युगेंद्र पवार को हराया था। बारामती क्षेत्र में बीते कुछ सालों में काफी राजनीति देखने को मिली है। लोकसभा चुनाव में 2024 में बारामती सीट पर सुप्रिया सुले का सामना अजित पवार की पत्नी और रिश्ते में अपनी भाभी सुनेत्रा पवार से था। सुप्रिया सुले ने सुनेत्रा पवार को 1,58,333 मतों से पराजित किया।
बारामती सीट पर हुआ है उपचुनाव
आपको बता दें कि बीते जनवरी महीने में एनसीपी के प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन हादसे में मौत हो गई थी। अजित पवार ने विधानसभा में आठ बार बारामती का प्रतिनिधित्व किया था। हाल ही में इस सीट पर उपचुनाव हुआ है जिसका परिणाम 4 मई को सामने आएगा। एनसीपी की ओर से सुनेत्रा पवार चुनाव मैदान में हैं। सुनेत्रा पवार का चुनावी मुकाबला 22 उम्मीदवारों से है।
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