1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. क्या अब BMC में उद्धव ठाकरे के पार्षद भी टूटेंगे? शिवसेना नेता के बयान ने बढ़ा दी हलचल

क्या अब BMC में उद्धव ठाकरे के पार्षद भी टूटेंगे? शिवसेना नेता के बयान ने बढ़ा दी हलचल

 Reported By: Sachin Chaudhary Edited By: Subhash Kumar
 Published : Jun 19, 2026 11:21 pm IST,  Updated : Jun 19, 2026 11:26 pm IST

शिवसेना यूबीटी पर सासंदों की टूट के बाद अब BMC में पार्षदों के टूटने का भी खतरा मंडराने लगा है। BMC में शिंदे शिवसेना के ग्रुप लीडर अमेय घोले ने दावा किया है कि जल्द ही बीएमसी में उद्धव ठाकरे की पार्टी के पार्षद भी टूटेंगे।

maharashtra shiv sena ubt split- India TV Hindi
उद्धव ठाकरे के पार्षदों पर भी खतरा। Image Source : PTI

महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार बवाल जारी है। 4 साल बाद उद्धव ठाकरे की पार्टी एक बार फिर से टूट गई है। शिवसेना यूबीटी के 6 सांसदों ने पार्टी से बगावत कर दी है और वे जल्द ही एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उद्धव ठाकरे के लिए टेंशन अभी कम नहीं हुई है। सांसदों के बागी होने के बाद दावा किया जा रहा था कि शिवसेना यूबीटी के 16 विधायक भी एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। लेकिन अब पार्टी के सामने BMC में पार्षदों के टूटने का भी खतरा सामने आ गया है। शिवसेना नेता अमय घोले के दावे के बाद उद्धव ठाकरे की ये टेंशन और बढ़ गई है।

क्या है शिवसेना के नेता का दावा?

शिवसेना (शिंदे गुट) के बीएमसी ग्रुप लीडर अमय घोले ने दावा किया है कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ केवल सांसदों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में इसका दायरा विधायकों और मुंबई महानगरपालिका में शिवसेना (यूबीटी) के पार्षदों तक भी बढ़ाया जाएगा। अमय घोले के अनुसार, उनके संपर्क में शिवसेना यूबीटी के कई पार्षद है। उन्होंने दावा किया कि इन नेताओं में नाराजगी इसलिए है क्योंकि उनसे न तो उद्धव ठाकरे और न ही आदित्य ठाकरे नियमित संपर्क रखते हैं। इसी कारण संगठन के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।

ऑपरेशन फिलहाल पाइपलाइन में- अमय घोले

घोले ने कहा कि सांसदों के स्तर पर दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा पूरा होने के बाद अगले चरण में विधायकों और स्थानीय निकायों के नेताओं को साथ लाने की रणनीति पर काम किया जाएगा। उनका दावा है कि इस पूरे अभियान की तैयारी चल रही है और यह ‘ऑपरेशन’ फिलहाल पाइपलाइन में है। उन्होंने कहा कि इसे अंजाम देने में एक महीना, दो महीने या छह महीने भी लग सकते हैं, लेकिन अंततः यह प्रक्रिया पूरी होकर रहेगी।

संजय निरुपम ने साधा उद्धव पर निशाना

दूसरी ओर शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने भी उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है। निरुपम ने कहा है कि उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे के पास सामाजिक आयोजनों और बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने का समय होता है, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से मिलने के लिए समय नहीं होता। उनके अनुसार, उद्धव ठाकरे “पार्ट-टाइम राजनीतिज्ञ” हैं, जबकि एकनाथ शिंदे “फुल-टाइम राजनीतिज्ञ और समाजसेवक” हैं, इसलिए लगातार लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं। निरुपम ने यह भी दावा किया कि यूबीटी से अलग हुए छह बागी सांसद जल्द ही शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ जुड़ेंगे। निरुपम के मुताबिक, यूबीटी नेतृत्व द्वारा कांग्रेस के साथ निकटता बढ़ाने और लगातार कांग्रेस की राजनीति की चर्चा किए जाने से पार्टी के सांसदों के बीच असंतोष बढ़ रहा था, जिसके कारण यह स्थिति बनी।

शिवसेना को ऐसे कई झटके लगे- संजय राउत 

शिवसेना यूबीटी में टूट के बीच संजय राउत के तेवर ढीले पड़ गए हैं। कल तक बागी सांसदों को गाली देने वाले संजय राउत अब ये मान चुके हैं कि संसद में उनकी पार्टी टूट गई है। उन्होंने कहा कि शिवसेना को ऐसे कई झटके लगे और पार्टी फिर खड़ी हुई। संजय राउत ने कहा कि जो 6 सांसद एकनाथ शिंदे की शिवेसना में जा रहे हैं, उनके बीच अब मंत्री पद को लेकर झगड़ा हो रहा है।

ये भी पढ़ें- 'शिवसेना न BJP में मिली, न कांग्रेस में मिलेगी', उद्धव ने शिंदे गुट पर कसा जोरदार तंज

'ऑपरेशन करने के लिए शेर का दिल चाहिए, भेड़िये का नहीं', उद्धव की पार्टी को शिंदे का जवाब

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।