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Andheri East Bypoll: अंधेरी विधानसभा उपचुनाव का बजा बिगुल, सीएम शिंदे और उद्धव ठाकरे का होगा 'लिटमस टेस्ट'

 Reported By: Jayprakash Singh Edited By: Akash Mishra
 Published : Oct 03, 2022 04:46 pm IST,  Updated : Oct 03, 2022 04:46 pm IST

Mumbai Bypolls: अंधेरी सीट पर रमेश लटके के पहले सीताराम दलवी भी 2 बार शिबसेना के विधायक रह चुके हैं, जबकि कोंग्रेस पार्टी से सुरेश शेट्टी, रमेश दुबे, चंद्रकांत त्रिपाठी,राम मनोहर त्रिपाठी,रामनाथ पांडे भी इस सीट से कई बार जीतकर मंत्री भी बन चुके है।

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Representational Image Image Source : PTI

 Andheri East Bypoll: महाराष्ट्र में अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव का बिगुल बजल गया है। इस सीट पर होने वाला उपचुनाव राज्य में एकनाथ शिंदे की सरकार बनने के बाद उनकी पहली अग्निपरीक्षा है। परंम्परागत रूप से महाराष्ट्रीयन बहुल इस सीट से 2019 के विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना पार्टी से रमेश लटके विधायक चुनकर आये थे। अब उद्धव खेमे के रमेश लटके की हार्ट अटैक से मौत हो जाने के बाद इस सीट पर दोबारा उपचुनाव होने जा रहे हैं। इस सीट पर उपचुनाव की तारीख घोषित होते ही भाजपा प्रत्याशी ने शक्तिप्रदर्शन कर किया और अपने चुनाव कार्यालय का उद्घाटन भी किया। 

भाजपा के ग्रास रुट को किया मजबूत

अंधेरी उपचुनाव में उद्धव ठाकरे गुट ने रमेश लटके की पत्नी ऋतुजा लटके को टिकेट दी है वहीं भाजपा ने बागी रहे मुरजी पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है। मुरजी पटेल भाजपा के नेता थे लेकिन 2019 विधानसभा चुनाव में टिकेट न मिलने से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े थे और दूसरे नंबर पर रहे थे। मुरजी पटेल को रमेश लटके ने 18 हजार वोटों से हराया था। मुरजी पटेल मुम्बई अध्यक्ष आशीष शेलार और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बेहद करीबी माने जाते है। उन्होंने(मुरजी पटेल) पिछले 3 साल में भाजपा के ग्रास रुट को मजबूत किया है इसलिए वह महाराष्ट्र और मुम्बई बीजेपी नेताओं के गुड़ बुक में हो गए हैं। यही वजह है कि भाजपा ने मुरजी पटेल पर भरोसा जताया है।  

इस तारीख को होगा उपचुनाव 

उपचुनाव की घोषणा होते ही मुरजी पटेल के मुख्य चुनाव कार्यालय का उद्घाटन करने मुम्बई अध्यक्ष आशीष शेलार और मुम्बई उपाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी पहुँचे। अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव की डेट चुनाव आयोग ने 3 नवंबर घोषित कर दी है, जबकि 6 नवंबर को वोटों की गिनती की जाएगी। ये सीट खुद मुख्यमंत्री एकनाथ शिन्दे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए प्रतिष्ठा की सीट है क्योंकि सरकार बनने के बाद ये शिन्दे-फडणवीस का पहला लिटमस टेस्ट होगा। वहीं उद्धव ठाकरे भी 100 प्रतिशत कोशिश करेंगे कि इस सीट को वो जीतें ताकि वे दिखा सकें कि मराठी वोट अब भी उनके साथ है और ये बात साफ हो जाए कि अंधेरी, मुम्बई की जनता भी शिवसेना के साथ है।

अंधेरी को इसलिए कहते हैं मिनी हिंदुस्तान

अंधेरी उपचुनाव के बाद अब मुम्बई में सीधे बीएमसी का चुनाव होना है। इसलिए दोनों पक्ष शिन्दे+फडणवीस और उद्धव के लिए अंधेरी सीट को जीतना बेहद जरूरी है। इस सीट पर जो भी जीत दर्ज करेगा वो आगामी बीएमसी चुनाव में भी परचम लहराएगा ये भी इससे साफ हो जाएगा। यही कारण है कि तारीख घोषित होते ही अंधेरी में खुद सीएम एकनाथ शिन्दे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, बीजेपी के आला नेता, स्टार प्रचारक की सूची बननी शुरू हो गई है। अंधेरी सीट पर मराठी वोट के साथ यूपी, बिहार, झारखंड, मुस्लिम, गुजराती, मारवाड़ी, जैन, साउथ इंडियन, कैथोलिक और पंजाबी वोटर्स भी बड़ी संख्या में है। इसके अलावा पारसी वोट भी इस सीट पर करीब 3 हजार के आसपास है, इसलिए इस सीट को मिनी हिन्दुस्तान भी कहा जाता है।

प्रचार में लीड लेने की कोशिश में जुट गई भाजपा 

अंधेरी सीट पर बहुत संभव है कि महाविकास अघाड़ी के रूप में कोंग्रेस और एनसीपी अपना उम्मीदवार न उतारे और उद्धव ठाकरे शिवसेना के उम्मीदवार को अपना समर्थन दे दें। ऐसे में शिवसेना को रमेश लटके के निधन के सिमपेथी वोट के साथ मराठी, मुस्लिम, उत्तरभारतीयों का वोट भी मिल सकता है, यही कारण है कि बीजेपी-शिन्दे गुट के उम्मीदवार मुरजी पटेल ने चुनाव तारीख घोषित होते ही अपने मुख्य चुनाव कार्यालय की ओपनिंग कर प्रचार में लीड लेने की कोशिश में जुट गए है।

 

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