मुंबई: महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के मकसद से स्थापित "निर्भया पथक" ने एक बार फिर सबका दिल जीत लिया। प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला की मुंबई पुलिस के निर्भया पथक ने मदद की और उसके एवं उसके नवजात बेटे की जान बचाई। यह घटना शिवडी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत हुई, जब निर्भया पथक के सदस्यों ने एक नागरिक के द्वारा भेजे गए तात्कालिक संदेश पर कार्रवाई की। शनिवार दोपहर 12:54 बजे साउथ कंट्रोल रूम को पता चला कि चांदनी चौक, रे रोड, शिवडी क्षेत्र में एक गर्भवती महिला को तुरंत पुलिस सहायता की जरूरत है।
टैक्सी में गंभीर हालत में थी महिला
निर्भया पथक की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची, जहां उन्होंने देखा कि मासूमा शेख नाम की महिला एक बंद पड़ी टैक्सी में गंभीर हालत में थी। महिला खून से लथपथ थी और प्रसव पीड़ा की वजह से कराह रही थी। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए निर्भया पथक ने 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस के लिए मदद मांगी। पुलिस की सक्रियता से एंबुलेंस फौरन मौके पर पहुंची, जिसमें डॉक्टर सुल्तान भी थीं।
अस्पताल में परिजन नहीं पहुंचे
फिर मुंबई पुलिस की महिलाकर्मियों की मदद से महिला को जेजे अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उसके परिजन नहीं आए। इसके बाद पुलिस ने दौड़-भाग कर जरूरी कागजात और औपचारिकताएं पूरी की।
मां-बेटा दोनों सुरक्षित
एक अधिकारी ने बताया कि मासूमा ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है और मां-बेटा दोनों सुरक्षित हैं। हालांकि, महिला का पति शहर से बाहर है, इसलिए वह अपनी दादी मजूदा शेख के साथ रह रही हैं। मजूदा शेख नागपाड़ा में घर का काम करती हैं और उन्हें इसकी सूचना दे दी गई है।
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