मुंबईः पश्चिम रेलवे ने बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन के पास स्थित गरीब नगर झुग्गी बस्ती में करीब 500 अवैध ढांचों को गिराने का 5-दिवसीय अभियान शुरू किया है। इस काम के लिए 400 रेलवे सुरक्षा बल (RPF), रेलवे पुलिस (GRP), 400 पुलिस और इंजीनियरों सहित लगभग 1,000 रेलवे कर्मचारियों को तैनात किया गया है। साथ ही 4 JCB और 1 फोर्कलिफ्ट जैसी भारी मशीनरी भी लगाई गई है।
रेलवे की 5,200 वर्ग मीटर ज़मीन पर है अतिक्रमण
इस अभियान के ज़रिए, अधिकारी बांद्रा स्टेशन के पास रेलवे की 5,200 वर्ग मीटर ज़मीन से अतिक्रमण हटाना चाहते हैं। यह कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के अप्रैल 2026 के उस आदेश के बाद की गई है, जिसमें रेलवे अधिकारियों को तोड़-फोड़ अभियान जारी रखने की अनुमति दी गई थी।
पश्चिम रेलवे ने एक्स हैंडल पर कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार चलाई जा रही यह तोड़-फोड़ मुहिम रेलवे की उस ज़मीन को वापस पाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो लंबे समय से अपने तय सार्वजनिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं हो पा रही थी। लगभग 500 अवैध इमारतों पर कार्रवाई की जा रही है।
हाई कोर्ट के आदेश पर 100 झोपड़ी नहीं तोड़ी जाएगी
इंडिया टीवी से बातचीत में मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने कहा कि पश्चिम रेलवे की अब तक कि सबसे बड़ी एंटी एनक्रोचमेंट ड्राइव जारी है। बॉम्बे हाईकोर्ट के जजमेंट के मुताबिक हमने सभी प्रोसेस को फ़ॉलो किया है। कोर्ट के मुताबिक 100 झोपड़ी को नहीं हटाना है। सारे सेफ्टी प्रोटोकॉल को तहत कार्रवाई शुरू की गई है। कोर्ट ने कहा है कि घरों में कोई ज्वलनशील वस्तु है तो उसे सेफली हटाया जाए। सुबह करीब 8 बजे हमारा डिमोलिशन ड्राइव शुरू हुआ था। अभी तक 20 प्रतिशत एनक्रोचमेंट हटाया गया है। अगले चार से पांच दिनों तक यह एंटी एन्क्रोचमेंट ड्राइव जारी रहेगा।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि हमारे प्लान हैं उसे एक्जिक्यूट किया जाएगा। जोगेश्वरी का टर्मिनस भी जल्द ही शुरू होने वाला है। बांद्रा टर्मिनस और बांद्रा उपनगरीय रेलवे स्टेशन के लिए यह इन्टिगीग्रेटेड रेल टर्मिनस बनाया जाएगा। हमें हमारी क्षमता को बढ़ाना है। इसका फायदा मुंबई की जनता को और देश को मिलेगा।