Zubair Ansari Mira Road Attack: मुंबई से सटे मीरा रोड के नया नगर इलाके में धर्म पूछकर कलमा पढ़ने के लिए मजबूर करने और चाकू से हमला करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी जैब जुबैर अंसारी को लेकर जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब तक की जांच में सामने आई जानकारी के साथ कुछ नई अहम बातें भी जुड़ी हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, जुबैर अंसारी पहले अमेरिका में रह चुका है, जहां उसने केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया था। वहीं, उसने अफगान मूल की एक महिला से शादी की, लेकिन करीब तीन साल बाद दोनों का तलाक हो गया।
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वर्क परमिट खत्म होने के बाद लौटा था भारत
इसके अलावा, वह विदेश में स्पोर्ट्स टीचर के रूप में भी काम कर चुका था। वर्क परमिट खत्म होने के बाद वह 2019 में भारत लौट आया। शुरुआत में कुर्ला में रिश्तेदारों के साथ रहा और 2023 में मीरा रोड शिफ्ट हो गया। हालिया जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अबू धाबी के लिए ऑनलाइन लेक्चर लेता था, जहां वह बायोलॉजी, केमिस्ट्री और मैथ्स पढ़ाता था।
कभी खुदकुशी के बारे में कर रहा था विचार
फिर दिसंबर, 2025 में उसकी नौकरी चली गई, जिसके बाद वह धीरे-धीरे सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ गया। निजी जीवन में तलाक, नौकरी छूटना और अस्थिरता के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा और उसमें आत्महत्या जैसे विचार भी आने लगे।
कलमा नहीं पढ़ा तो चाकू से किया हमला
घटना के बारे में घायल सिक्योरिटी गार्ड सुभ्रतो सेन ने पुलिस को बताया कि आरोपी पहले मस्जिद का रास्ता पूछने के बहाने आया था। बाद में उसने धार्मिक पहचान पूछी और तड़के करीब 4:30 बजे दोबारा लौटकर चाकू से हमला कर दिया। सेन जान बचाने के लिए अपने सुपरवाइजर राजकुमार मिश्रा के केबिन में भागे, लेकिन आरोपी वहां भी पहुंच गया। उसने मिश्रा से भी “कलमा” पढ़ने को कहा और जवाब न मिलने पर उन पर भी हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
आरोपी के फ्लैट से धार्मिक किताबें और हाथ से लिखे नोट्स बरामद
वारदात के बाद पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वह घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर एक सोसायटी में किराए के फ्लैट में रह रहा था। तलाशी के दौरान उसके घर से धार्मिक किताबें, लैपटॉप और संदिग्ध हस्तलिखित नोट्स बरामद हुए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
ISIS का ध्यान आकर्षित करने लिए किया हमला
ATS की जांच में अब यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी का झुकाव ऑनलाइन कट्टरपंथ की ओर बढ़ रहा था। वह लंबे समय से आतंकी संगठन ISIS से जुड़े ऑनलाइन कंटेंट देख रहा था और फरवरी से मार्च के बीच उसने कई बार संगठन के ऑपरेटिव्स से संपर्क करने की कोशिश भी की, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। इसके बावजूद उसने खुद को ISIS से जुड़ा हुआ दिखाने की कोशिश की और “लोन वुल्फ” तरीके से हमला करने का फैसला किया, ताकि अधिकतम ध्यान आकर्षित कर सके।
सिक्योरिटी गार्ड्स पर हमला था सोचा-समझा
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों तलाक, नौकरी का जाना और पारिवारिक सहारे की कमी से जूझ रहा था। वह एक तरफ आत्महत्या के विचारों से घिरा था, तो दूसरी ओर कट्टरपंथी रास्ता अपनाकर “जिहादी” बनने की सोच में उलझा हुआ था। जांच अधिकारियों के अनुसार, उसकी मानसिक स्थिति कमजोर जरूर थी, लेकिन हमला करने का उसका कदम सोचा-समझा और ध्यान खींचने के मकसद से किया गया प्रतीत होता है।
फिलहाल ATS आरोपी के विदेशी संपर्कों, ऑनलाइन गतिविधियों, संभावित नेटवर्क और फंडिंग एंगल की गहराई से जांच कर रही है। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है।