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ADB ने घटाया भारत की अनुमानित ग्रोथ रेट, 7.4 फीसदी की जगह किया 7 फीसदी

 Written By: Manish Mishra
 Published : Sep 26, 2017 12:46 pm IST,  Updated : Sep 26, 2017 01:42 pm IST

चालू वित्‍त वर्ष के लिए एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारत की ग्रोथ रेट 7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। पहले उसने यह आंकड़ा 7.4 फीसदी का दिया था।

ADB ने घटाया भारत की अनुमानित ग्रोथ रेट, 7.4 फीसदी की जगह किया 7 फीसदी- India TV Hindi
ADB ने घटाया भारत की अनुमानित ग्रोथ रेट, 7.4 फीसदी की जगह किया 7 फीसदी

नई दिल्ली। चालू वित्‍त वर्ष के लिए एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारत की ग्रोथ रेट 7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। पहले उसने यह आंकड़ा 7.4 फीसदी का दिया था। अगले वित्‍त वर्ष के लिए भी अनुमानित ग्रोथ रेट का आंकड़ा घटाया गया है। ADB ने अपनी एशियाई विकास परिदृश्य 2017 की हालिया रिपोर्ट में कहा है कि वित्‍त वर्ष 2017-18 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ग्रोथ रेट घटकर 7 फीसदी रहने का अनुमान है। यह अप्रैल के अनुमान से 0.4 फीसदी कम है। वित्‍त वर्ष 2018-19 के लिए यह अनुमानित आंकड़ा 7.6 फीसदी से घटाकर 7.4 फीसदी किया गया है।

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हालांकि इस बहुपक्षीय बैंक ने कहा कि यद्यपि नोटबंदी और नई GST व्यवस्था को लागू करने से भारत में उपभोक्ता व्यय एवं कारोबारी निवेश पर असर पड़ा है लेकिन इसके बावजूद भारत की स्थिति मजबूत बनी रहेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये लघुअवधि के व्यवधान हैं और उम्मीद की जाती है कि मध्यम अवधि में इन पहलों से वृद्धि लाभांश अर्जित होगा।

ADB की नवीनतम रिपोर्ट में विकासशील एशिया में वृद्धि की आशा को बरकरार रखा गया है जो कि वैश्विक व्यापार में सुधार, बड़ी औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में तेज विस्तार और चीन की संभावनाओं के बेहतर होने का परिणाम है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सभी बातें मिलकर पुराने अनुमानों से आगे जाकर 2017 और 2018 में विकासशील एशिया में वृद्धि को आगे बढ़ाएंगे।

बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री यासुयुकी सवाडा ने बताया कि,

विकासशील एशिया के लिए वृद्धि परिदृश्य अच्छा दिख रहा है जिसका मुख्य कारण वैश्विक व्यापार का पटरी पर लौटना एवं चीन में फिर मजबूती दिखना है।

उन्होंने कहा, विकासशील एशियाई देशों को उत्पादकता बढ़ाने वाले सुधारों को लागू करने के लिए इन लघु अवधि आर्थिक परिदृश्यों का लाभ उठाना चाहिए। सबसे ज्यादा जरुरत वाले बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश करना चाहिए और अपनी दीर्घावधि वृद्धि क्षमताओं को बढ़ाने में मदद के लिए वृहद आर्थिक प्रबंधन का रखरखाव करना चाहिए।

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