Uday Kotak see electronic import as problem Anand Mahindra offers a business solution to it
नई दिल्ली। कोटक महिंद्रा बैंक के दो बड़े साझेदार देश उद्योगपति उदय कोटक और आनंद महिंद्रा क्या एक बार फिर मिलकर इलेक्ट्रोनिक मैन्युफैक्चरिंग में भारत को आगे बढ़ा सकते हैं? यह सवाल तब उठ रहा है जब उदय कोटक ने ट्विटर पर देश में बढ़ते इलेक्ट्रोनिक आयात को लेकर चिंता जताई है और इसके जवाब में आनंद महिंद्रा ने मिलकर इस समस्या से निपटने के सुझाव दिए हैं।
दरअसल उदय कोटक ने ट्विटर पर आंकड़ों के जरिए कहा कि भारत में चालू खाते के घाटे की समस्या सिर्फ कच्चा तेल का आयात ही नहीं है बल्कि अब इलेक्ट्रोनिक्स का बढ़ता आयात भी वजह बन रहा है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि पिछले 5 सालों के दौरान देश में इलेक्ट्रोनिक्स गुड्स का आयात लगभग दोगुना हो गया है।
आनंद महिंद्रा ने ट्विटर पर इसके जवाब में कहा कि आने वाले दिनों में यह समस्या और बढ़ने वाली है और उन्होंने इसपर 3 बातें भी कही, उन्होंने कहा कि क्या हम इसे भारत को डिजिटाइज होने के लिए एक जरूरत के तौर पर देखें या फिर इस श्रेणी में घरेलू निर्माण पर जोर दें या फिर भारतीय कंपनियों का एक ऐसा संगठन बनाएं जिसके पास बाजार में टिके रहने के लिए तकनीक, पैसा और ताकत हो।
उदय कोटक और आनंद महिंद्रा देश के दो बड़े उद्योगपति हैं और दोनो का ज्वाइंट वेंचर कोटक महिंद्रा बैंक तेजी से आगे बढ़ रहा है, हाल ही में इस बैंक का बाजार मूल्य 3 लाख करोड़ रुपए के पार गया है, ऐसे में दोनो मिलकर अगर इलेक्ट्रोनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में उतरते हैं तो सिर्फ भारतीय इलेक्ट्रोनिक्स बाजार में ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर बी इस सेक्टर की बड़ी कंपनियों को चुनौती दे सकते हैं।



































