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वित्त मंत्री के 6.29 लाख करोड़ रुपये के कोविड राहत पैकेज पर मंत्रिमंडल की मुहर

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jun 30, 2021 07:14 pm IST,  Updated : Jun 30, 2021 07:14 pm IST

सोमवार को इस पैकेज की घोषणा करते हुये सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिये 1.5 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त लोन गारंटी सुविधा की घोषणा की। इसके साथ ही हेल्थकेयर सेक्टर और टूरिज्म सेक्टर के लिये भी ऐलान हुए

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कोविड राहत पैकेज पर मंत्रिमंडल की मुहर  Image Source : PTI

नई दिल्ली। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कोविड महामारी से अर्थव्यवस्था को राहत पहुंचाने के लिये घोषित किये गये 6.29 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह जानकारी दी। सीतारमण ने सोमवार को इस पैकेज की घोषणा करते हुये सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिये 1.5 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त लोन गारंटी सुविधा की घोषणा की। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिये अतिरिक्त बजट समर्थन देने और पर्यटन क्षेत्र में टूर आपरेटरों और पर्यटक गाइडों के लिये सस्ते कर्ज की सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसके अलावा पांच लाख विदेशी पर्यटकों को शुल्क मुक्त वीजा देने की घोषणा भी की गई। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत गरीब और वंचित तबके को नवंबर तक प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज प्रतिमाह उपलब्ध कराने के लिये 93,869 करोड़ रुपये के खर्च की घोषणा के साथ साथ उर्वरक सब्सिडी की मद में 14,775 करोड़ रुपये अतिरिक्त उपलब्ध कराने की जानकारी दी। 

वित्त मंत्री द्वारा घोषित इस राहत पैकेज में ज्यादातर सस्ती ब्याज दरों में कर्ज उपलब्ध कराने के लिये सरकारी गारंटी की पेशकश की गई है। इसमें 25 लाख छोटे कर्ज लेनदारों को सवा लाख रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराने के लिये सूक्ष्म वित्त संस्थानों को भी बैंकों से सरकारी गारंटी पर कर्ज उपलब्ध कराया जायेगा। यह समूचा पैकेज 6.29 लाख करोड़ रुपये का रहा। पैकेज में कोरोना वायरस महामारी से बच्चों के प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर राज्यों के प्रमुख अस्पतालों और जिला अस्पतालों में बच्चों के इलाज के लिये सुविधायें स्थापित करने और जरूरी स्वास्थ्य ढांचा खड़ा करने के लिये 23,220 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कोष उपलब्ध कराया जायेगा। इसमें केन्द्र सरकार का हिस्सा 15,000 करोड़ रुपये होगा। इसी प्रकार कंपनियों और उद्योगों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये प्रोत्साहन देने के वास्ते आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की समयसीमा को 31 मार्च 2022 तक के लिये बढ़ा दिया गया है। इसमें उद्योगों में नये रोजगार दिये जाने पर भविष्य निधि कोष में नियोक्ता और कर्मचारी की तरफ से किये जाने वाले अंशदान को सरकार की तरफ से चुकाया जाता है। इस योजना के तहत सरकार अब तक 79,577 कंपनियों अथवा प्रतिष्ठानों में 21.42 लाख लाभार्थियों के हिस्से का 902 करोड़ रुपये भविष्य निधि कोष में डाल चुकी है।

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