नयी दिल्ली। कर विभाग ने गुरुवार को कहा कि 25 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले छोटे स्टार्टअप को वादे के मुताबिक कर अवकाश मिलना जारी रहेगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में कहा कि आयकर कानून, 1961 की धारा 80 आईएसी में किये गये उल्लेख के अनुसार कर अवकाश जारी रहेगा।
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इसके तहत पात्र स्टार्टअप के लिये उसके गठन के सात साल में से तीन साल के लिये पूरी आय पर कर छूट का प्रावधान किया गया है। बयान के अनुसार उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले मान्यता प्राप्त स्टार्टअप स्वत: धारा 80-आईएसी के तहत कर छूट के लिये पात्र नहीं होंगे।
कर छूट के लाभ के लिये स्टार्टअप को धारा 80-आईएसी में निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा। यानी छोटे स्टार्टअप के लिये कारोबार सीमा का निर्धारण आयकर कानून की धारा 80-आईएसी के प्रावधानों के अनुरूप किया जायेगा न कि डीपीआईआईटी की अधिसूचना के अनुसार यह होगा।