CCI dismisses WhatsApp Pay antitrust case
नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हट्सऐप के खिलाफ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार को लेकर दायर शिकायत को खारिज कर दिया। यह शिकायत व्हट्सएप के डिजिटल भुगतान बाजार को लेकर दायर की गई थी। शिकायत में कहा गया था कि फसेबुक के स्वामित्व वाली व्हट्सएप स्मार्टफोन से इंटरनेट आधारित मैसेजिंग एप के जरिये बाजार में अपने एकाधिकार का दुरुपयोग कर रही है। इसके जरिये कंपनी यूपीआई समर्थित डिजिटल भुगतान एपलीकेशन बाजार में अपना एकाधिकार स्थापित कर रही है।
प्रतिस्पर्धा आयोग ने अपने 41 पन्नों के आदेश में कहा है कि प्रतिस्पर्धा कानून की धारा चार का उल्लंघन नहीं किया गया है। कानून की यह धारा एकाधिकार के दुरुपयोग से जुड़ी है। प्राप्त शिकायत की जांच करने के लिए प्रतिस्पर्धा क्षेत्र के नियामक ने दो बाजारों की स्थिति पर गौर किया भारत में स्मार्टफान के जरिये ओवर दि टॉप (ओटीटी) मैसेजिंग एप का बाजार और दूसरा भारत में यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) समर्थित डिजिटल भुगतान एप का बाजार।
नियामक का कहना है कि शिकायतकर्ता का कहना है कि व्हट्सएप अपस्ट्रीम बाजार में मौजूदा कारोबारियों के ऊपर अपने एकाधिकार का फायदा उठाएगा। उसका यह भी कहना है कि मौजूदा कारोबारियों ने यूपीआई समर्थित डिजिटल भुगतान एप बाजार में अपने आप को स्थापित करने के लिए काफी संसाधन लगाए हैं, जबकि व्हट्सएप को बिना किसी प्रयास के ही अपने प्लेटफॉर्म पर यूजर्स मिल जाएंगे।
प्रतिस्पर्धा आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि शिकायतकर्ता की शंकाएं ज्यादा महत्व नहीं रखती हैं। यूपीआई बाजार में कई जानी मानी कंपनियां काम कर रही है और एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। ऐसी स्थिति में यह अविश्वसनीय लगता है कि व्हट्सएप पे बिना किसी प्रयास के ही बड़े बाजार हिस्से पर काबिज हो जाएगी।






































