1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. मई में वित्‍तीय घाटा बजट लक्ष्‍य के 43 फीसदी तक पहुंचा, अप्रैल-मई में टैक्‍स कलेक्‍शन 49,690 करोड़ रुपए

मई में वित्‍तीय घाटा बजट लक्ष्‍य के 43 फीसदी तक पहुंचा, अप्रैल-मई में टैक्‍स कलेक्‍शन 49,690 करोड़ रुपए

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Jun 30, 2016 07:34 pm IST,  Updated : Jun 30, 2016 07:39 pm IST

चालू वित्‍त वर्ष के पहले दो माह के दौरान वित्‍तीय घाटा 2.28 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो 2016-17 के बजट अनुमान का 42.9 फीसदी है।

मई में वित्‍तीय घाटा बजट लक्ष्‍य के 43 फीसदी तक पहुंचा, अप्रैल-मई में टैक्‍स कलेक्‍शन 49,690 करोड़ रुपए- India TV Hindi
मई में वित्‍तीय घाटा बजट लक्ष्‍य के 43 फीसदी तक पहुंचा, अप्रैल-मई में टैक्‍स कलेक्‍शन 49,690 करोड़ रुपए

नई दिल्‍ली। देश का वित्‍तीय घाटा बढ़ गया है। चालू वित्‍त वर्ष के पहले दो माह के दौरान वित्‍तीय घाटा 2.28 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो 2016-17 के बजट अनुमान का 42.9 फीसदी है। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में यह घाटा बहुत अधिक है। वित्‍त वर्ष 2015-16 के दौरान अप्रैल-मई में वित्‍तीय घाटा बजट अनुमान के 37.5 फीसदी पर था।

संपूर्ण चालू वित्‍त वर्ष के लिए खर्च और राजस्‍व के बीच अंतर रहने का अनुमान 5.33 लाख करोड़ रुपए है। सीएजी द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-मई 2016 के दौरान टैक्‍स राजस्‍व 49,690 करोड़ रुपए रहा है, जो बजट अनुमान का 4.7 फीसदी है।

चालू वित्‍त वर्ष के पहले दो माह में सरकार की कुल प्राप्तियां (राजस्‍व और गैर-ऋण पूंजी से) 69,060 करोड़ रुपए रहीं, जो बजट अनुमान का 4.8 फीसदी है। वित्‍त वर्ष 2015-16 में समान अवधि के दौरान यह अनुमान का 4.4 फीसदी था। अप्रैल-मई 2016 में सरकार का कुल खर्च 2.98 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पूरे वित्‍त वर्ष के अनुमान का 15.1 फीसदी है। कुल खर्च में योजनागत खर्च 90,570 करोड़ रुपए और गैर-योजनागत खर्च 2.07 लाख करोड़ रुपए रहा है। अप्रैल-मई में राजस्व आय 65,691 करोड़ रुपए रही, जो बजट अनुमान का 4.8 फीसदी है। अप्रैल-मई में राजस्व घाटा 1.99 लाख करोड़ रुपए रहा, जो बजट अनुमान का 56.2 फीसदी है।

यह भी पढ़ें- सरकार ने 2015-16 में 3.9% राजकोषीय घाटे का लक्ष्‍य किया हासिल, इस साल और आएगी कमी

यह भी पढ़ें- कैबिनेट ने वित्त आयोग की सिफारिशों को दी मंजूरी, राज्य सरकारों के घाटे को 3 फीसदी तक सीमित रखने का लक्ष्य

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा