Tuesday, February 03, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. कोयला घोटाला मामले में विशेष अदालत ने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री के समक्ष गलत तथ्य रखे गए

कोयला घोटाला मामले में विशेष अदालत ने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री के समक्ष गलत तथ्य रखे गए

कोयला घोटाला मामले में विशेष अदालत के जज भरत पराशर ने कहा कि तत्कालीन कोयला सचिव ने पूर्व प्रधानमंत्री के समक्ष गलत तथ्य रखे।

Manish Mishra
Published : May 21, 2017 05:21 pm IST, Updated : May 21, 2017 05:21 pm IST
कोयला घोटाला मामले में विशेष अदालत ने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री के समक्ष गलत तथ्य रखे गए- India TV Paisa
कोयला घोटाला मामले में विशेष अदालत ने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री के समक्ष गलत तथ्य रखे गए

नई दिल्ली। कोयला ब्लाक घोटाला से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के पास यह मानने की कोई वजह नहीं थी कि तत्कालीन कोयला सचिव एच सी गुप्ता ने उनके समक्ष एक ऐसी कंपनी को मध्य प्रदेश में कोयला ब्लॉक आवंटित करने की सिफारिश की थी जो उस समय आवंटन के नियमों को पूरा नहीं करती थी।

यह भी पढ़ें : ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए सरकार ने किए 7,000 उपाय : निर्मला सीतारमण

विशेष जज भरत पराशर ने गुप्ता को मध्य प्रदेश में थेसगोरा-बी रुद्रपुरी कोयला ब्लॉक कमल स्पॉन्ज स्टील एवं पावर लि. (केएसएसपीएल) को आवंटित करने में अनियमितताओं का दोषी ठहराया है। न्यायमूर्ति ने कहा कि तत्कालीन कोयला सचिव ने पूर्व प्रधानमंत्री के समक्ष गलत तथ्य रखे। उस समय सिंह के पास कोयला मंत्रालय का भी प्रभार था। उन्‍हें जांच समिति की सिफारिशों के आधार पर ही कदम उठाना था। गुप्ता इस समिति के चेयरमैन थे।

अदालत ने कहा कि यह मानने की कोई वजह नहीं है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री यह समझते कि दिशानिर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया है। अदालत ने कहा कि सिंह ने जांच समिति की सिफारिशों पर इस मान्यता के आधार पर विचार किया कि कोयला मंत्रालय में आवेदनों की उनकी पात्रता के हिसाब से जांच की गई होगी और समिति ने दिशानिर्देशों का पूरी तरह अनुपालन किया होगा।

यह भी पढ़ें : मार्च से नहीं जनवरी से शुरू होगा नया वित्त वर्ष, सरकार कर रही है तैयारी

अदालत ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री को कोयला मंत्री के रूप में जांच समिति की सिफारिशों की फाइल भेजते समय किसी भी अधिकारी ने कहीं पर यह उल्लेख नहीं किया कि आवेदनों की उनकी पात्रता तथा पूर्णता के लिए जांच नहीं की गई है। गुप्ता 31 दिसंबर 2005 से नवंबर 2008 तक कोयला सचिव रहे थे। अदालत ने इस कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितताओं के लिए गुप्ता के साथ कोयला मंत्रालय में तत्कालीन संयुक्त सचिव के एस क्रोफा और तत्कालीन निदेशक के सी समारिया को दोषी ठहराया है।

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement