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गेल ने 345 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बिछाने का ऑर्डर दिया, कोयला उत्‍पादन का लक्ष्‍य पाना मुश्किल

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Oct 11, 2016 06:35 pm IST,  Updated : Oct 11, 2016 06:36 pm IST

देश की सबसे बड़े गैस विपणन कंपनी गेल इंडिया ने जगदीशपुर-हल्दिया-बोकारो-धामरा गैस पाइपलाइन के 345 किलोमीटर लंबे एक खंड को बिछाने का ऑर्डर दिया है।

गेल ने 345 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बिछाने का ऑर्डर दिया, कोयला उत्‍पादन का लक्ष्‍य पाना मुश्किल- India TV Hindi
गेल ने 345 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बिछाने का ऑर्डर दिया, कोयला उत्‍पादन का लक्ष्‍य पाना मुश्किल

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़े गैस विपणन कंपनी गेल इंडिया ने जगदीशपुर-हल्दिया-बोकारो-धामरा गैस पाइपलाइन के 345 किलोमीटर लंबे एक खंड को बिछाने का ऑर्डर दिया है। इससे 13,000 करोड़ रुपए की इस परियोजना पर काम तेज करने में मदद मिलेगी।

कंपनी ने एक बयान में बताया, जगदीशपुर-हल्दिया-बोकारो-धामरा गैस पाइपलाइन के निर्माण की दिशा में गेल ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने इस परियोजना के 345 किलोमीटर के फूलपुर और दोभी खंड के लिए ऑर्डर दिए हैं। इस 345 किलोमीटर लंबे खंड पर 306 करोड़ रुपए की लागत आएगी और इस संबंध में जेएसआईडब्ल्‍यू इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और आईएलएंडएफएस इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड को ऑर्डर दिए हैं। पाइपलाइन बिछाने का कार्य अक्‍टूबर के अंत से शुरू होगा और इसे दिसंबर 2018 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।

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कोयला उत्पादन सरकार के आत्मनिर्भरता के लक्ष्य से पिछड़ेगा : रिपोर्ट 

भारत का कोयला उत्पादन सरकार के आत्मनिर्भरता पाने के लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाएगा, जिसका कारण निजी क्षेत्र के लिए वाणिज्यिक खनन को खोलने में होने वाली देर और प्रदेश के नए खननकर्ताओं के लिए मंजूरी मिलने की धीमी गति है। भारत वर्ष 2020 तक 1.5 अरब टन कोयला उत्पादन करने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें से एक अरब टन का उत्पादन कोल इंडिया करेगा।

बीएमआई रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार देश वर्ष 2020 तक कोयले की कमी का सामना करेगा हालांकि कोयले की कमी का स्तर वर्ष 2016 के 19.1 करोड़ टन से घटकर वर्ष 2020 में 16.3 करोड़ टन रह जाएगा।

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