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सरकार ने कंपनियों से मांगी बंद नोटों की पूरी जानकारी, नोटबंदी के बाद 30 दिसंबर तक का देना होगा पूरा ब्‍योरा

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Apr 03, 2017 06:20 pm IST,  Updated : Apr 03, 2017 06:20 pm IST

सरकार ने कंपनियों से नोटबंदी के बाद 30 दिसंबर तक की अवधि में चलन से हटाए गए नोटों में किए गए लेन-देन का पूरा ब्योरा देने को कहा है।

सरकार ने कंपनियों से मांगी बंद नोटों की पूरी जानकारी, नोटबंदी के बाद 30 दिसंबर तक का देना होगा पूरा ब्‍योरा- India TV Hindi
सरकार ने कंपनियों से मांगी बंद नोटों की पूरी जानकारी, नोटबंदी के बाद 30 दिसंबर तक का देना होगा पूरा ब्‍योरा

नई दिल्‍ली। कंपनियों को नोटबंदी के दिन से 30 दिसंबर की अवधि के बीच बंद हुए नोटों के उपयोग की पूरी जानकारी सरकार को देनी होगी। सरकार ने कंपनियों से नोटबंदी के बाद 30 दिसंबर तक की अवधि में चलन से हटाए गए नोटों में किए गए लेन-देन का पूरा ब्योरा देने को कहा है।

इसके अलावा ऑडिटर्स को अपनी रिपोर्ट में इसका जिक्र करने को भी कहा गया है, कि क्या कंपनियों ने उक्त अवधि के दौरान प्रतिबंधित पुराने नोटों में किए गए सौदों के बारे में पर्याप्त खुलासा किया है।

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कालेधन की समस्या से लड़ने के साथ ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल आठ नवंबर को 500 और 1,000 रुपए के नोटों को चलन से हटाने की घोषणा की थी। आठ नवंबर से 30 दिसंबर 2016 तक व्यक्तियों और कंपनियों को प्रतिबंधित नोट को बैंकों में जमा करने की अनुमति दी गई थी। थोड़े समय के लिए चलन से हटाए गए नोट को बदलने की भी अनुमति दी गई थी।

कंपनी कानून का क्रियान्वयन कर रहे कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने पंजीकृत कंपनियों से उक्त अवधि के दौरान अपने बही-खाते में प्रतिबंधित नोट के बारे में पूरा ब्योरा देने को कहा है। अधिसूचना के अनुसार प्रत्येक कंपनी आठ नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016 के दौरान अपने पास रखे 500 और 1,000 रुपए के नोट और उनमें किए गए लेन-देन के बारे में पूरा ब्योरा देंगी।

अन्य बातों के अलावा कंपनियों को यह भी जानाकारी देनी है कि चलन से हटाए गए नोट में से कितना उन्होंने बैंकों में जमा किया और कितना भुगतान किया। इस संदर्भ में कंपनी कानून, 2013 के कुछ प्रावधानों में संशोधन भी किए गए हैं।

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