1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. पैसा
  4. बिज़नेस
  5. जीएसटी परिषद की 19 सितंबर की बैठक टली, अब पांच अक्टूबर को होगी

जीएसटी परिषद की 19 सितंबर की बैठक टली, अब पांच अक्टूबर को होगी

जीएसटी परिषद की बैठक पांच अक्टूबर तक टल गई है। पहले यह बैठक 19 सितंबर को होनी थी। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: September 11, 2020 22:06 IST
GST Council meeting postponed to October 5 - India TV Paisa
Photo:FILE PHOTO

GST Council meeting postponed to October 5 

नयी दिल्ली। जीएसटी परिषद की बैठक पांच अक्टूबर तक टल गई है। पहले यह बैठक 19 सितंबर को होनी थी। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि परिषद की 42वीं बैठक को टाल दिया गया है, क्योंकि उस दौरान संसद का सत्र चल रहा होगा। केंद्र ने पिछले महीने फैसला किया था कि जीएसटी परिषद की 41वीं और 42वीं बैठक 27 अगस्त और 19 सितंबर को होगी। 

हालांकि, उस समय तक संसद के मानसून सत्र पर फैसला नहीं हुआ था। जीएसटी परिषद की पांच अक्टूबर को होने वाली बैठक काफी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि केंद्र और राज्यों के बीच जीएसटी संग्रहण में 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी के वित्तपोषण के मुद्दे पर विवाद चल रहा है। केंद्र की गणना के अनुसार इसमें से 97,000 करोड़ रुपये की कमी जीएसटी के कार्यान्वयन से जुड़ी है। शेष 1.38 लाख करोड़ रुपये की कमी राज्यों के राजस्व पर कोविड-19 के प्रभाव की वजह से है। 

केंद्र ने पिछले महीने राज्यों को रिजर्व बैंक द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली विशेष सुविधा के जरिये 97,000 करोड़ रुपये का कर्ज जुटाने या बाजार से 2.35 लाख करोड़ रुपये जुटाने के दो विकल्प दिए थे। इसके अलावा केंद्र ने विलासिता और अहितकर वस्तुओं पर मुआवजा उपकर को 2022 से आगे बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया था, जिससे राज्य कर्ज का भुगतान कर सकें।

छह गैर-भाजपा शासित राज्यों पश्चिम बंगाल, केरल, दिल्ली, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु ने केंद्र को पत्र लिखकर राज्यों द्वारा कर्ज लेने के विकल्प का विरोध किया था। सूत्रों ने बताया कि आठ सितंबर तक सात राज्य अपनी पसंद के विकल्प के बारे में केंद्र को सूचित कर चुके हैं। गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और त्रिपुरा ने 97,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने का विकल्प चुना है। वहीं सिक्किम और मणिपुर ने दूसरा 2.35 लाख करोड़ रुपये बाजार से जुटाने वाले कर्ज का विकल्प चुना है।

Write a comment
X