नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने आज मौद्रिक समीक्षा (क्रेडिट पॉलिसी) में मुख्य नीतिगत दरों को 0.25 फीसदी की कटौती की है। इससे बैंकों को सस्ता कर्ज मिलेगा, जिसका फायदा आपको भी मिल सकता है। इस कटौती के बाद होमलोन, कार लोन सहित दूसरे सभी प्रकार के लोन की EMI घट सकती हैं। आरबीआई की वर्ष 2016-17 की पहली द्विमासिक क्रेडिट पॉलिसी की ये हैं मुख्य बातें।
1 रेपो दर 0.25 फीसदी घटकर 6.50 फीसदी पर
2. रिवर्स रेपो 0.25 फीसदी बढ़कर 6.0 फीसदी हुआ
3. नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) चार फीसदी पर स्थिर
4. बैंकों को सीआरआर के तहत आरबीआई के पास अब दैनिक स्तर पर न्यूनतम 90 फीसदी नकदी ही रखनी होगी। अभी तक यह सीमा 95 फीसदी थी।
5. नकदी की सीमांत अतिरिक्त सुविधा और ब्याज और उसके अनुसार बैंक दर 0.75 फीसदी कम कर 7.0 फीसदी की गई जिससे बैंकों के धन की लागत और कम होगी
6. आने वाले दिनों में नीति उदार बनी रहेगी
7. वित्त वर्ष 2016-17 के लिए ग्रोथ दर का अनुमान 7.6 फीसदी
8. महंगाई करीब पांच फीसदी रहने का अनुमान
9. लघु बचत योजनाओं पर ब्याज में कमी, धन की सीमांत लागत पर ऋणों पर ब्याज दर (एमसीएलआर) व्यवस्था से मौद्रिक नीति का असर ग्राहकों तक और अच्छी तरह पहुंचेगा
10. सरकार के राजकोषीय पुनर्गठन के मार्ग पर कायम रहने से महंगाई घटाने में मिलेगी मदद
11. सातवें वेतन आयोग से महंगाई 1.5 फीसदी तक बढ़ सकती है
12. कस्टोडियन बैंकों के लिए लाइसेंस देने का प्रस्ताव जो बड़े और दीर्घकालिक कर्ज देंगे
13. दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति सात जून को



































